श्रावस्ती। दुधवा व कतर्निया की तर्ज पर भिनगा जंगल सफारी परियोजना को मंजूरी नहीं मिली। इसके चलते परियोजना आधे में ही रुक गई। इस परियोजना के तहत स्थानीय स्तर पर मंगवाए गए नौकायन केन नाले में ही बिना पर्यटकों के ही तैर रही है।
वन विभाग ने भिनगा जंगल को ईको टूरिज्म के तौर पर विकसित करने का प्रस्ताव शासन को भेजा था। शासन में इसे लेकर उत्साह को देखते हुए स्थानीय अधिकारियों ने इको टूरिज्म विकसित करने का तानाबाना बुन लिया। बाद में परियोजना को स्वीकृति नहीं मिली। अब अल्पविकसित रूप से भिनगा जंगल में ईको टूरिज्म के स्पॉट दिखाई दे रहे हैं, जो विकास का इंतजार कर रहे हैं।
डीएफओ एपी यादव ने बताया कि श्रावस्ती को जंगल सफारी बनाने की कार्य योजना तैयार की गई थी। जिसका डीपीआर तैयार कर संस्तुति के लिए शासन को भेजा था। अब तक मंजूरी नहीं मिली है।