श्रावस्ती। तराई में जरूरतमंदों की सेहत का ख्याल रखने वाले एटीएम खुद बीमार पड़ गए हैं। कहीं बिजली संकट तो कहीं ऑपरेटर के अभाव में ये महज शोपीस बने रखे हैं।
गिलौला, इकौना, कटरा, जमुनहा, मल्हीपुर, भंगहा व सिरसिया में हेल्थ एटीएम मशीन करीब डेढ़ माह पूर्व ही लगाने के लिए लाई गई थी। सभी स्थानों पर मशीन भेजी तो गई लेकिन मरीजों को सेवाएं मिलना शुरू नहीं हुआ। इसका अलग-अलग कारण बताया जा रहा है। भारत-नेपाल सीमा से सटे इलाका जमुनहा व मल्हीपुर में यह मशीन एक्टिवेट कर दी गई, लेकिन बिजली के अभाव में ये चालू नहीं हुई।
पीएचसी जमुनहा में तैनात प्रयोगशाला सहायक प्रभारी जाकिर हुसैन अंसारी ने बताया कि यह मशीन लगभग दो माह पूर्व आई थी और इसको कई बार एक्टिवेट किया जा चुका है लेकिन बिजली संकट के चलते परेशानी है। मशीन को सही कराने के लिए अधिकारियों को रिपोर्ट भेजा गया है। इंजीनियर के आने का इंतजार है। वहीं इकौना में सीएचसी अधीक्षक डॉ. आशीष श्रीवास्तव बताते है कि लगातार कैंप के कारण मशीन का संचालन नहीं हो पा रहा है। आने वाले मरीजों का कहना है कि कोई आपरेटर न होने के कारण मशीन जस की तस पड़ी है। यही स्थिति सिरसिया सहित अन्य स्थानों पर है। यहां मशीन होने के बाद भी मरीजों को इसका फायदा नहीं मिल पा रहा।
इस मशीन से दस मिनट में फुल बॉडी जांच हो सकती है। इस जांच में पल्स रेट, वजन, प्रेगनेंसी टेस्ट, आर्थराइटिस, डेंगू, मलेरिया, एचआईवी, टाइफाइड, बीपी, शुगर, यूरीन सहित करीब 59 जांचें शामिल हैं। यह जांच पूरी तरह से निशुल्क है।
कहीं बिजली की समस्या है तो क्या किया जा सकता है। भंगहा सहित अन्य स्थानों पर मशीन चल रही है। मैने भी अपनी जांच भंगहा में कराई है।
डॉ. एपी तिवारी, सीएमओ