श्रावस्ती। मन की शांति के सूत्र सीखने के लिए छह देशों के प्रतिनिधि श्रावस्ती आए हैं। वे तीन दिन यहां रह कर विपश्यना करेंगे। आने वाले लोगों में कनाडा, यूएसए, आस्ट्रिया,अस्ट्रेलिया, सिंगापुर, मलेशिया व जर्मनी के लोग शामिल है। करीब 25 सदस्यों का दल आया है। विपश्यना केंद्र के प्रबंधक बाबूराम यादव बताते हैं कि विपश्यना एक मानसिक व्यायाम है जो मन व तन दोनों के लिए उपयोगी है।
विपश्यना ध्यान खुद को जानने में मदद करता है। यह भारत की सबसे प्राचीन मेडिटेशन तकनीक है जिसे लगभग 2600 साल पहले महात्मा बुद्ध ने खोजा था। आज दुनियाभर में लगभग 170 विपश्यना मेडिटेशन सेंटर है जहां 10, 20, 30, 45 और 60 दिनों तक मेडिटेशन कोर्स फ्री में कराए जाते हैं। इस विधा से एकाग्रता में वृद्धि के साथ ही कई विकारों से मुक्ति मिलती है।