तुलसीपुर (श्रावस्ती)। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत शुक्रवार को रत्नापुर में केंद्र व प्रदेश सरकार पर खूब गरजे। संगठन की महापंचायत में उन्होंने कई मुद्दों पर सरकार को घेरा। सबसे ज्यादा गुस्सा खेतों में कटीले तार लगाने पर प्रतिबंध को लेकर दिखा। उन्होंने चेतावनी दी कि सिर्फ ब्लेड वाले तार हटाए जाएंगे। कटीले तार लगे रहेंगे और किसान आगे भी लगाएगा। किसानों को मुफ्त बिजली न देने और एमएसपी अब तक लागू न होने को लेकर उन्होंने सरकार की नीयत पर सवाल उठाया। चेतावनी दी कि किसानों की समस्याओं का हल नहीं हुआ तो 26 नवंबर को लखनऊ में महापंचायत होगी। राकेश टिकैत ने विपक्ष को भी घेरा। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं के निराकरण के लिए विपक्षी दलों को भी अपने हिस्से की जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
राकेश टिकैत ने कहा कि केंद्र सरकार ने किसानों से वादा किया था कि एमएसपी लागू होगी। इस पर अब तक कोई काम नहीं हुआ। प्रदेश सरकार ने किसानों को मुफ्त बिजली देने की घोषणा की थी। अब मुफ्त बिजली देना तो दूर सरकार मीटर लगवा रही है। छुट्टा मवेशी किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। सुरक्षा के लिए किसान कटीले तार लगवा रहे हैं, लेकिन सरकार ने इस पर भी प्रतिबंध लगा दिया। उन्होंने कहा कि सरकार मुकदमा दर्ज कराना चाहेे तो कराए, लेकिन किसान कटीले तार नहीं हटाए और आगे भी लगवाएगा। सिर्फ ब्लेड वाले तार हटाए जाएंगे। किसानों को ज्यादा परेशान किया गया तो छुट्टा मवेशियों को स्थानीय थानों व डीएम कार्यालय ले जाकर छोड़ दिया जाएगा।
वैसे यह पुलिस की जिम्मेदारी है कि छुट्टा पशुओं को गोशाला में छोड़ें। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के साथ लगातार घात कर रही है। एफसीआई के सारे गोदाम अडानी को दे दिए। फसल बीमा योजना का लाभ जरुरतमंद गरीब किसानों को नहीं मिल रहा है। साप्ताहिक बाजार भी बंद कराने की तैयारी है। उन्होंने मांग की कि सूखा व बाढ़ की मार झेल चुके किसानों को सरकार सहायता दे। यदि ऐसा न हुआ तो भाकियू जिलों से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक सड़क पर उतर कर संघर्ष करेगी। पंचायत को प्रदेश अध्यक्ष राजपाल शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष राम किशोर पटेल सहित कई अन्य राष्ट्रीय व प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया। एसडीएम जमुनहा सौरभ शुक्ला को जिलाध्यक्ष रामस्वरूप वर्मा ने ज्ञापन भी सौंपा। इस मौके पर भिनगा विधायक इंद्राणी वर्मा व नानपारा के पूर्व विधायक दिलीप वर्मा सहित काफी संख्या में भाकियू कार्यकर्ता व पदाधिकारी मौजूद रहे।