श्रावस्ती। नगरीय क्षेत्र में संचालित ईंट उद्योगों का जिला पंचायत ने लाइसेंस निरस्त कर दिया। इस आदेश के दायरे में छह उद्योग आए हैं। यह कार्रवाई मानक पूरा न होने के कारण की गई। लेकिन आदेश के एक सप्ताह के बाद भी इसका पालन नहीं हो पाया है।
ईंट उद्योग से निकलने वाला धुंआ व इससे उड़ने वाली राख मानव जीवन के लिए नुकसानदेह है। इसीलिए उद्योग के चारों ओर बाउंड्रीवाल करने का प्रावधान है। इसके साथ ही आबादी वाले इलाके के नजदीक उद्योग का लाइसेंस न देनेका नियम है। लेकिन भिनगा नगर में मेसर्स गुप्ता ईंट उद्योग, भिनगा ब्रिक फील्ड, जारुल ब्रिक फील्ड, एबीएफ आबाद ब्रिक फील्ड, जाकिर बिक्र फील्ड व राजा ब्रिक फील्ड का संचालन नगर पालिका क्षेत्र में चल रहा था।
इस ईंट उद्योग के चारों ओर आबादी है। यही नहीं अधिकांश ईंट उद्योग भिनगा वन क्षेत्र से सटा हुआ है। जिसके कारण दोहरे मानक का उल्लंघन हो रहा था। इसके बाद जिला पंचायत ने ईंट उद्योगों को दिया गया लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया। यही नहीं इन ईंट उद्योगों का लाइसेंस निरस्त करते हुए एक आदेश क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक को दिया कि वह तत्काल प्रभाव से इस ईट उद्योग की पथाई व फुंकाई पर रोक लगा दे।
लेकिन इस आदेश का अनुपालन अभी भी जिले में एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी नहीं हुआ। विभागीय जानकारों की माने तो जिले में एनजीटी सदस्य का भ्रमण निश्चित हुआ था। इस भ्रमण के दौरान संभव था कि ईट उद्योगों का भी मुद्दा उठे या फिर एनजीटी सदस्य स्वयं संज्ञान लेकर नगर में संचालित इन उद्योगों की वैधानिकता के बारे में जानकारी ले सकते हैं। इसीलिए आनन फानन में जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी ने सभी ईट संचालकों का लाइसेंस निरस्त कर दिया। लेकिन इसका अनुपालन कराने की जहमत नहीं उठाई। जिसके कारण अभी भी नगरीय क्षेत्र में ये उद्योग चल रहे हैं। एडीएम कमलेश चंद्र ने बताया कि आदेश का पालन होगा। यदि लाइसेंस निरस्त होने के बाद भी उद्योग चलता पाया गया तो संचालक के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।