चढ़ने लगा पारा, बैशाख की गर्मी का हो रहा अहसास
- अभी से चढ़ने लगा पारा, वैशाख की गर्मी का हो रहा अहसास
- मौसम में आए बदलाव के बाद भीषण गर्मी पड़ने की संभावना
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रावस्ती। तराई में मौसम का मिजाज लगातार गर्म हो रहा है। इसके चलते चैत मास के प्रथम सप्ताह में ही बैशाख का अहसास होने लगा है। मौसम में आए इस बदलाव से किसानों की भी चिंता बढ़ने लगी हैं।
अब तक होली के दिनों में सुबह दस बजे तक गुलाबी ठंड के कारण लोग स्वेटर पहनने को विवश रहते थे। इतना ही नहीं चैत मास में सरसों, अलसी, मसूर व गेहूं की कटाई करने जाने वाले किसान ठंड से बचने के लिए ऊनी कपड़ों का सहारा लेने को मजबूर हुआ करते थे लेकिन इस बार ऐसा कुछ भी नहीं है। इस बार जहां होली पर लोगों को ठंड का जरा भी अहसास नहीं हुआ। वहीं चैत मास के प्रथम सप्ताह में ही लोगों को बैशाख की गर्मी का अहसास होने लगा है। ऐसे में लोगों को चैत में भी बैैशाख की तपन महसूस हो रही है। सुबह 11 बजे के बाद निकली धूप में लोगों का घर से निकलना दूभर हो रहा है। विगत एक सप्ताह से मौसम का तापमान सामान्य से अधिक होने के कारण अब लोगों को इस बार जेठ के महीने में भीषण गर्मी पड़ने की चिंता सताने लगी है। लोगों का मानना है कि यदि मौसम का पारा इसी तरह चढ़ता रहा तो न सिर्फ भीषण गर्मी पड़ेगी। बल्कि आंधी पानी की संभावना है। जिसका असर आम सहित गेहूं व अरहर आदि फसलों पर पड़ सकता है। जिसे लेकर किसान आशंकित नजर आ रहे हैं। इस बारे में जिला कृषि अधिकारी डॉ. अवधेश कुमार यादव बताते हैं कि इस बार मौसम शुष्क होने के कारण तापमान सामान्य से अधिक है। ऐसे में इस बार गर्मी थोड़ा पहले ही पड़ने लगी है। मई-जून में यदि ऐसा ही रहा तो इस बार भीषण गर्मी पड़ने की संभावना जताई जा रही है।