श्रावस्ती। लगातार हो रही बरसात से राप्ती नदी जिले में उफना गई। बुधवार दोपहर तक राप्ती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 70 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। इस दौरान कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया। जबकि कई क्षेत्रों का संपर्क मार्ग बाधित रहा। बाढ़ की आशंका को देखते हुए डीएम सहित कई अन्य अधिकारी क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं। वहीं जिले में अलर्ट जारी किया गया है।
जिले में लगातार तीन दिनों से दिन रात बरसात हो रही है। ऐसी ही बरसात नेपाल व पहाड़ी क्षेत्रों में भी हो रही है। इस बरसात के कारण मंगलवार दोपहर से ही राप्ती नदी का जलस्तर तेजी के साथ बढ़ने लगा था। जबकि बुधवार यह जल स्तर बढ़ कर खतरे के निशान से 70 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। अचानक आई इस बाढ़ के कारण राप्ती नदी के तटीय क्षेत्र के कई गांवों में पानी लोगों के घरों में घुस गया। वहीं भिनगा के जंगल में बाढ़ का पानी आ जाने के कारण लगभग दो फीट पानी भर गया।
संभावित बाढ़ की यह स्थिति देखते हुए डीएम सहित अन्य अधिकारी स्थिति का जायजा लेने के लिए क्षेत्र में निकले। इस दौरान डीएम ने सबसे पहले राप्ती बैराज पर पहुंच कर बाढ़ क लेबिल को देखा। इस दौरान देखा गया कि लक्ष्मणपुर बैराज पर बुधवार जल स्तर शाम चार बजे 128.40 सेंटीमीटर पाया गया जो खतरे के निशान से 70 सेंटीमीटर ऊपर है जबकि खतरे का निशान 127.70 सेंटीमीटर है। इस दौरान डीएम ने संभावित बाढ़ के मद्देनजर राहत एवं बचाव कार्य के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया। जबकि बढ़ते जल स्तर पर निगरानी रखने के लिए राप्ती बैराज पर तैनात अधिकारियों कर्मचारियों को प्रति घंटा जलस्तर की जानकारी देने का निर्देश दिया। इस दौरान अपर जिलाधिकारी योगानंद पांडे, उपजिलाधिकारी प्रवेंद्र कुमार, तहसीलदार नारायन सिंह व बाढ़ कार्य खंड के अधिशासी अभियंता विनोद कुमार गुप्ता मौजूद रहे।
सुबह 5 बजे 127.55 सेंटीमीटर,
6 बजे 127.60 सेंटीमीटर,
7 बजे 127.75 सेंटीमीटर,
8 बजे 127.75 सेंटीमीटर,
9बजे 127.85 सेंटीमीटर,
10 बजे 127.90 सेंटीमीटर,
11 बजे 128.05 सेंटीमीटर
12 बजे 128.15 सेंटीमीटर
शाम 4 बजे 128.40 सेंटीमीटर
जलस्तर प्रति घंटा 5 से 15 सेंटीमीटर बढ़ रहा है।
बाढ़ से प्रभावित होने वाले क्षेत्र लक्ष्मनपुर कोठी, नेवादा, डेहरिया, मोहम्मदपुर, धर्मनगर, गाजोबारी, मोहनपुर, टेपरा, वीरपुर लौकिहा, हसनापुर, बरंगा, अशरफ नगर, लक्ष्मनपुर सेमरहनीय, हरिहरपुर करनपुर, शिकारी, सर्रा, जोगिया, संगमपुरवा, पोंदला, पोंदली, बेलरी, गंगाभागड, मुरावपुरवा, वीरपुर सहित अन्य गांव प्रभावित हो रहे हैं।
बाढ़ का पानी आ जाने के कारण भिनगा से तेंदुआ रतनपुर मार्ग जंगल में बाधित रहा। यहां बाढ़ का पानी सड़क के आरपार चल रहा है। इन स्थानों पर ग्रामीणों
को रास्ते की जानकारी के लिए लकड़ी लगानी पड़ी ताकि यह जानकारी हो सके कि किधर से आना-जाना है।
राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ा है। इसको देखते हुए सभी बाढ़ चौकी व अधिकारियों को अलर्ट कर दिया गया है। फिलहाल पानी तेजी के साथ डिस्चार्ज हो रहा है। इससे अनुमान है कि शाम तक जलस्तर सामान्य हो सकता है। - टीके शिबु डीएम