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Shravasti Election 2024 Result: श्रावस्ती लोकसभा सीट पर सपा ने लहराया परचम, सिरमौर बने राम शिरोमणि वर्मा

Tue, 04 Jun 2024 09:05 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, श्रावस्ती

सार

राम शिरोमणि वर्मा को 511055 मत मिले जबकि निकटतम प्रत्याशी भाजपा के साकेत मिश्र मात्र 434382 मत ही हासिल कर सकें। यहां पर बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी मुईनुद्दीन अहमद उर्फ हाजी दद्दन खां ने 56251 मत हासिल कर अपनी जमानत गवा दी।
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भाजपा प्रत्याशी साकेत मिश्र और सपा प्रत्याशी राम शिरोमणि वर्मा। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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महात्मा बुद्ध की तपोस्थली एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कर्मस्थली श्रावस्ती संसदीय सीट पर भारतीय जनता पार्टी को करारी शिकस्त मिली है। यहां पर समाजवादी पार्टी के रामशिरोमणि वर्मा 76673 मतों से जीत हासिल कर लगातार दूसरी बार सांसद चुने गए हैं। राम शिरोमणि वर्मा को 511055 मत मिले जबकि निकटतम प्रत्याशी भाजपा के साकेत मिश्र मात्र 434382 मत ही हासिल कर सकें। यहां पर बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी मुईनुद्दीन अहमद उर्फ हाजी दद्दन खां ने 56251 मत हासिल कर अपनी जमानत गवा दी। भाजपा प्रत्याशी की हार से जहां कार्यकर्ता हताश व निराश दिखे, वहीं सपा प्रत्याशी की जीत से समाजवादी पार्टी के साथ गंठबंधन के कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह दिखा।

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श्रावस्ती संसदीय सीट में बलरामपुर, तुलसीपुर, गैसड़ी, श्रावस्ती व भिनगा सहित कुल पांच विधानसभा शामिल हैं। इन पांच विधानसभा क्षेत्रों के 19,80,381 मतदाताओं में से 1046528 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मंगलवार की सुबह आठ बजे से मतगणना शुरू हुई तो पोस्टल बैलेट से ही सपा प्रत्याशी राम शिरोमणि वर्मा ने बढ़त बनाने का जो सिलसिला शुरू किया वह अंत तक कायम रहा। तीन राउंड को छोड़कर सपा प्रत्याशी को हर राउंड में बढ़त मिली। मतगणना समाप्त हुई तो सपा प्रत्याशी ने बड़े अंतर से जीत दर्ज की। 

बसपा ने किया खेला, भाजपा की करारी हार
श्रावस्ती लोकसभा सीट पर भाजपा व उसके रणनीतिकारों की गणित बीएसपी ने बिगाड़ दी। भाजपा के रणनीतिकारों को उम्मीद थी कि 2019 के लोकसभा चुनाव में सपा-बसपा गठबंधन के प्रत्याशी को 4,41,771 मत मिले थे। तब भाजपा के दद्दन मिश्रा 4,36,451 मत पाकर मात्र 5,320 मतों से हार गए थे। ऐसे में भाजपा मान रही थी कि इस बार सपा-बसपा अलग-अलग चुनाव लड़ रहे हैं। इसके साथ ही बसपा ने मुस्लिम प्रत्याशी मैदान में उतारा है। जिससे भाजपा यहां भारी मत से जीत सकती है। लेकिन बसपा ने खेला कर दिया। एक तरफ जहां मुस्लिम मतदाताओं ने एकतरफा इंडिया गठबंधन के पक्ष में मतदान किया। वहीं दूसरी तरफ बसपा का कैडर वोट या तो बसपा या फिर धीरे से ज्यादातर सपा के साथ चला गया। इतना ही नहीं भाजपा का लाभार्थी वोट भी इस बार जातियों में बंटता दिखा। यही कारण रहा कि भाजपा को इस सीट पर करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा।

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