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श्रावस्ती : नेपाल से जमुनहा व सिरसिया पहुंचे 38 मजदूर

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श्रावस्ती। लॉकडाउन के दौरान में जिला प्रशासन ने नेपाल सीमा सीज करने का दावा किया था, लेकिन यह खोखला साबित हुआ। शनिवार शाम काठमांडू से 14 मजदूर पैदल ही नेपाल सीमा को पार करके जमुनहा में पहुंच गए। आने वाले मजदूरों की नेपाल में कहीं भी कोई जांच नहीं हुई थी। भारतीय सीमा में घुसने के बाद जब ग्रामीणों ने इसकी सूचना प्रशासन को दी तो उन्हें एक जगह रोक कर उनकी जांच कर क्वारंटीन किया गया है।
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सिरसिया क्षेत्र में घुसने वाले 24 मजदूरों को पुलिस व एसएसबी ने फिर से नेपाल पुलिस के हवाले कर दिया। कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने के बाद भारत नेपाल सीमा को जिले में सीज कर दिया गया था। इस दौरान जहां से लोगों के आने की संभावना थी, वहां स्वास्थ्य, पुलिस व एसएसबी की संयुक्त टीम तैनात कर दी गई थी।
सीमा पर पुलिस व एसएसबी की संयुक्त टीम गश्त कर लॉकडाउन का पालन कराने का दावा कर रही थी। यह दावा उस समय खोखला साबित हुआ जब काठमांडू के एक ईंट उद्योग में काम करने वाले 14 मजदूर पैदल पहाड़ों को लांघ कर नेपाल सीमा को पार करके जमुनहा में पहुंच गए। जब ग्रामीणों को इसकी भनक लगी तो उन्होंने सभी लोगों को घेर कर स्कूल में रोक लिया।
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इसकी सूचना स्थानीय पुलिस व स्वास्थ्य टीम को दी गई। सूचना पर पहुंची स्वास्थ्य टीम सभी का स्वास्थ्य परीक्षण कर रही है। इसके साथ ही सभी को उनके गांव में बने क्वारंटीन स्थल में दाखिल कर दिया गया। वहीं सिरसिया क्षेत्र में घुसने वाले 24 मजदूरों को पुलिस व एसएसबी ने फिर से नेपाल पुलिस के हवाले कर दिया।
मजदूरों को किया नेपाल पुलिस के हवाले
काठमांडू से बहराइच के नवाबंगज के 11 मजदूर पैदल चल कर सिरसिया के अहलाद नगर पहुंच गए थे। जहां ग्रामीणों की सूचना पर सिरसिया पुलिस ने फिर से ट्रॉली पर बैठा कर भौंसाही एसएसबी चौकी पर पहुंचा दिया। वहीं भउआ नाका के पास बहराइच के ही 13 मजदूरों को सीमा पर रोक लिया गया था। इन सभी चौबीस मजदूरों को पुलिस व एसएसबी की टीम ने भउआ के नेपाली क्षेत्र में तैनात नेपाली पुलिस के हवाले कर दिया। जहां उन्हें क्वारंटीन किया गया है।
लापरवाही पड़ सकती भारी
नेपाल सीमा से कोरोना पाजिटिव मरीजों के योजनाबद्ध तरीके से भारत में आने के कयास लोग पहले से ही लगा रहे थे। जिले में भारत नेपाल की खुली सीमा ऐसे कार्यों के लिए मुफीद है। जहां रोकटोक के बिना ही लोग आ जा सकते हैं। प्रशासनिक दावा था कि सीमा सीज होने के कारण जिला पूरी तरह सुरक्षित है। इस दावे को इन प्रवासी मजदूरों ने खोखला साबित कर दिया।
जिस प्रकार यह प्रवासी मजदूर जिले में बिना रोकटोक पहुंच गए। इसी प्रकार कोई भी असामाजिक तत्व भी नेपाल के रास्ते भारत में दाखिल हो सकता है। यदि कोई जमुनहा क्षेत्र में दाखिल हो जाए तो जंगल के रास्ते लखीमपुर व बलरामपुर सहित गोरखपुर तक जंगल के रास्ते आसानी से आ जा सकता है।
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