कटरा (श्रावस्ती)। बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती में वर्षावास पूजन का आयोजन किया गया। सोमवार को बौद्ध सांस्कृतिक महासभा की ओर से आयोजित विशेष वर्षावास पूजा में बौद्ध भिक्षु ने महात्मा बुद्ध की जीवन चरित्र के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बौद्ध भिक्षु जलछन लामा ने बताया कि धम्म सभा व धर्म प्रचार के दौरान महात्मा बुद्ध ने कई चमत्कार किए थे। इस घटना के बाद वहां मौजूद हजारों लोगों ने बौद्ध धर्म को श्रेष्ठ मान उसे स्वीकार किया था।
उन्होंने बताया कि एक बार धम्म सभा में अचानक बुद्ध के कंधों से लपटों की जगह पानी और पांवों से पानी की जगह लपटें निकलने लगीं थी। इस दौरान बुद्ध के शरीर से रंग भी निकलने लगे। जिसे देखकर लोग आश्चर्य चकित हो गए। उनके मन में बुद्ध की कई छवियां बन गई। यही छवियां धम्म का प्रचार करने वाली बनी। जब विरोधियों ने चमत्कार का जवाब देने की कोशिश की तो वह हिल भी नहीं सके। वहां मौजूद सभी छह प्रतिद्वंदी और उनके मंडप उड़ गए। बाद में शर्म के मारे एक को छोड़ पांच ने आत्महत्या कर ली।
बोद्ध भिक्षु ने बताया कि इसके बाद बुद्ध ने अपने ही हमशक्ल के साथ धम्म पर वाद विवाद किया। जिसे सुनकर वहां मौजूद लोगों ने माना कि बुद्ध ही असली विजेता, बेहतर इंसान और बेहतर शिक्षक हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बौद्ध भिक्षु मौजूद रहे। संवाद