पुलिस लाइंस सभागार में पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रशिक्षण देते अधिकारी।
- फोटो : SRAWASTI
श्रावस्ती। दीवानी न्यायालय परिसर सहित तहसीलों की सुरक्षा व्यवस्था अब और चाक चौबंद होगी। यहां आने वाले वादकारियों की सघन तलाशी भी कराई जाएगी। साथ ही यदि न्यायालय परिसर में कोई अस्त्र शस्त्र लाया तो उसे जेल भी भेजा जाएगा। इसके लिए न्यायालय सुरक्षा में लगे पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को रविवार को पुलिस लाइन स्थित सभागार में प्रशिक्षण दिलाया गया।
प्रशिक्षण के दौरान मौजूद पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों से अपर पुलिस अधीक्षक बीसी दूबे ने कहाकि प्रदेश के कई न्यायालय परिसरों में आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया जा चुका है। साथ ही कई स्थानों पर मुकदमों की पैरवी करने आने वालों को घातक अस्त्र शस्त्र के साथ पकड़ा भी गया है। ऐसे में यह आपकी जिम्मेदारी बनती है कि न्यायालय आने वाले सभी महिला व पुरुष वादकारियोें, अपराधियों के परिवारीजनों, सहयोगियों व ईष्ट मित्रों सहित अनावश्यक रूप से न्यायालय परिसर में घूमने वालों की निगरानी करें।
इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि उनके पास कोई अस्त्र शस्त्र न हो। यदि कोई भी व्यक्ति इसे लेकर न्यायालय परिसर में प्रवेश करे तो उसे तत्काल पुलिस अभिरक्षा में लेकर उसके आने का कारण जान लें। संदेह होने पर उसके विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करें। इस दौरान पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को आरआई रेडियो निरीक्षक राजन अनेजा, प्रज्ञान निरीक्षक राकेश चंद्र ने सुरक्षा के उपकरण की जांच करने, हैंड सेट आदि की हैंडलिंग के बारे में जानकारी दी।
वहीं सुरक्षा के दृष्टिगत अराजक तत्वों पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरे का भी इस्तेमाल करने के लिए उन्हें उसे चलाने के बारे में जानकारी दी गई। इस दौरान मौजूद पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को सतर्क रहकर ड्यूटी करने तथा संदिग्ध वस्तुओं, व्यक्तियों व वाहनों आदि की निरंतर जांच करते रहने का निर्देश भी दिया गया। इस दौरान उपनिरीक्षक अजय कुमार व यातायात प्रभारी सहित 37 महिला व पुरुष पुलिसकर्मी मौजूद रहे।