श्रावस्ती। सिरसिया विकास क्षेत्र के सोनौढ़ा तराई में मनरेगा योजना के तहत हुए कार्यों में गड़बड़ी की गाज ग्राम सचिव पर गिरी है। इसके साथ ही संबंधित ग्राम प्रधान को भी नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। जांच के दौरान पंचायत क्षेत्र में बिना स्वीकृति व मस्टर रोल के ही ठेके पर कार्य कराना पकड़ में आया। डीएम के निर्देश पर डीपीआरओ ने इस मामले में ग्राम सचिव नीलमणि मिश्रा को निलंबित करते हुए ग्राम प्रधान को नोटिस जारी की है।
सिरसिया के सोनौढ़ा तराई में भरोसे के घर, झगरू, मालिक राम, उदय राज, रामप्रताप, शोभाराम और पतिराम के खेत से नाला तक भूमि विकास संबंधी कार्य कराया गया था। इसमें न तो मस्टर रोल जारी किया गया और न ही इन कार्यों की स्वीकृति ली गई। इसके बावजूद मनरेगा योजना से ठेकेदार के माध्यम से यह कार्य करा कर 1,03,692 रुपये का फर्जी भुगतान कर दिया गया। इतना ही नहीं काम की लंबाई को कागजों पर अधिक दिखा कर 2,95,557 रुपये का अनियमित भुगतान भी किया गया। इसके साथ ही मनरेगा से हुए इस कार्य में जिन लोगों ने काम नहीं किया था, उनके नाम से भी 11,19,391 रुपये का फर्जी भुगतान दस्तावेजों की जांच में पकड़ आया।
गांव निवासी संजय पांडेय ने इस पूरे मामले की शिकायत डीएम व सीडीओ से की थी। इसके बाद पूरे मामले की जांच भूमि संरक्षण अधिकारी से कराई गई। जांच में गड़बड़ी की पुष्टि के साथ ही तात्कालिक ग्राम रोजगार सेवक, तकनीकी सहायक एवं तत्कालीन सचिव नीलमणि मिश्रा को दोषी पाया गया। इस मामले में डीएम नेहा प्रकाश के निर्देश पर डीपीआरओ आनंद प्रकाश श्रीवास्तव ने तत्कालीन सचिव को निलंबित करते हुए ग्राम प्रधान को नोटिस जारी किया है। संवाद