श्रावस्ती। बरसात के दौरान तराई में संक्रामक बीमारियों का प्रकोप तेजी से बढ़ने लगा है। जिले में अब डेंगू के साथ ही बच्चों में होने वाली घातक बीमारी स्क्रब टाइफस ने भी दस्तक देना शुरू कर दी है। बीते 24 घंटे में संयुक्त जिला चिकित्सालय स्क्रब टाइफस के लक्षण से ग्रसित बुखार पीड़ित तीन बच्चे मिले। इसके साथ ही तीन बुखार पीड़ितों में भी जांच के बाद डेंगू की पुष्टि हुई।
संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा में औसतन हर दिन वायरल व टाइफाइड संक्रमित 50 से 60 मरीज पहुंच रहे हैं। बीते शुक्रवार को हुई जांच में संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा में एक कर्मचारी सहित नगर के दो मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। जबकि सिरसिया के डगमरा व गुलरा बनकटवा व इकौना के भोजपुर निवासी तीन बच्चों में स्क्रब टाइफस की पुष्टि हुई है। सभी पीड़ितों को भर्ती कर, उनका इलाज किया जा रहा है।
संयुक्त जिला चिकित्सालय के चिकित्सक डा. श्याम मिश्र ने बताया कि बैक्टीरिया जनित स्क्रब टाइफस बीमारी खतरनाक जीवाणु ओरिएंटिया त्सुत्सुगामुशी के कारण फैलती है। इसमें पीड़ित को तेज बुखार के साथ लिवर, दिमाग और फेफड़ों में संक्रमण का खतरा कई गुना तक बढ़ जाता है।
उन्होंने बताया कि इस बीमारी में भी डेंगू की तरह प्लेटलेट्स की संख्या भी घटने लगती है। पीड़ित मरीज को करीब दो सप्ताह तक तेज बुखार के साथ सिरदर्द, खांसी, मांसपेशियों में दर्द व शरीर में कमजोरी आने लगती है। समय पर सही इलाज न मिलने से पीड़ित की मौत तक हो जाती है। यह बीमारी ज्यादातर पहाड़ी व जंगल के आसपास क्षेत्रों में अपना प्रभाव दिखाती है।