संवाद न्यूज एजेंसी
श्रावस्ती। जिले में विगत तीन दिन से रुक-रुक कर हो रही बरसात से जिला पानी से सराबोर है। इससे जहां नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की परेशानी बढ़ी है। वहीं धान व गन्ना को छोड़ अन्य फसलों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने का खतरा बढ़ गया है।
तराई में बुधवार सुबह से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने सफाई व्यवस्था की पोल खोल दी है। भिनगा व इकौना नगर सहित जिले के अन्य कस्बों, बाजारों व गांवों में जगह-जगह कीचड़ व जलभराव से लोगों की दुश्वारियां बढ़ी हैं। वहीं इस बरसात का ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति पर भी असर पड़ा है। बरसात के बीच विद्युत आपूर्ति बाधित होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ी हैं। वहीं, विगत तीन दिनों से हो रही बारिश से समूचा जिला पानी से सराबोर है। इससे राप्ती नदी का जलस्तर भले न बढ़ा हो लेकिन सिरसिया क्षेत्र के पहाड़ी नाले बार-बार उफान पर आ रहे हैं। जिससे आसपास के खेतों में लगी फसल भी बर्बाद हो रही है। वहीं इस बरसात के कारण खेत में लगी अरहर, मक्का, ज्वार, बाजरा, मेंथा व तिल सहित सब्जियों की फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। खेतों में जलभराव के कारण इन फसलों के बर्बाद होने का खतरा बढ़ता जा रहा है। हालात यह है कि यह बरसात धान व गन्ना की फसल के लिए लाभदायक होगी। वहीं जिला कृषि अधिकारी अमित प्रसाद मिश्रा बताते है कि धान व गन्ना को छोड़ कर शेष फसल के खेतों में तत्काल पानी निकालने का प्रयास करें। पानी कम होने के बाद खेतों में यूरिया का छिड़काव करें। वहीं अरहर के जिन पेड़ों में उकठा के लक्षण दिखे उसे तत्काल उखाड़ कर फेंक दें।