श्रावस्ती। जिले के निजी विद्यालयों में किताब व ड्रेस के नाम पर अभिभावकों को अधिक जेब ढीली करनी पड़ रही है। विद्यालयों में मनमाने तरीके से बेची जा रही किताबों पर अंकुश लगाने के लिए डीएम अश्विनी कुमार पांडेय ने बीएसओ को कड़ाई से नियमों का पालन कराने व विद्यालयों के विरुद्ध अभियान चलाने का निर्देश दिया है।
निजी विद्यालयों में मनचाही फीस वसूलने, महंगी किताबों को बेचने व ड्रेस को अनियमित तरीके से बदलने की शिकायतों पर जिला प्रशासन ने संज्ञान लिया है। डीएम ने सोमवार को आदेश जारी करते हुए अनियमितता करने वाले विद्यालयों पर कार्रवाई का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम का उल्लंघन करने पर संबंधित विद्यालयों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कोई भी विद्यालय पांच वर्ष से पहले ड्रेस नहीं बदल सकता है। साथ ही बेसिक शिक्षा परिषद व एनसीईआरटी की पुस्तकों के अलावा किसी अन्य प्रकाशक की पुस्तकों को दबाव बनाकर मनचाही दुकान से खरीदवाने पर विद्यालयों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। इस संबंध में बीएसए अजय कुमार ने बताया कि सभी विद्यालयों में अभियान चलाकर जांच की जाएगी। साथ ही अनियमितता मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।