बीएसए कार्यालय में काउंसलिंग के लिए मौजूद व स्लिप देखते शिक्षक।
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श्रावस्ती। बेसिक शिक्षा विभाग में प्रतीक्षारत शिक्षकों को स्कूल आवंटन के लिए होने वाली काउंसिलिंग सोमवार को अव्यवस्था के बीच प्रारंभ हुई। सुबह 10 बजे प्रारंभ होने वाली काउंसिलिंग शाम चार बजे से शुरू हो सकी। इस बीच कई बार स्कूलों की लिस्ट बदली गई। जिसके चलते शिक्षकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बेसिक शिक्षा विभाग में तैनात 211 शिक्षकों को अभी तक स्कूल आवंटित नहीं किए गए थे। सोमवार सुबह 10 बजे से स्कूल आवंटन की काउंसिलिंग प्रारंभ होनी थी। पहले आधे घंटे की काउंसिलिंग दिव्यांग महिला, इसके बाद आधा घंटा दिव्यांग पुरुष, इसके बाद 11 बजे से सभी महिला अभ्यर्थियों को बुलाया जाना था। लेकिन सुबह 10 बजे जिले में रिक्त विद्यालयों की सूची अपडेट नहीं हो पाई। 11 बजे बेसिक शिक्षा विभाग ने कुल 87 विद्यालयों की सूची जारी की। जिसके लिए काउंसिलिंग होनी थी। इसको लेकर अभ्यर्थियों में अच्छी खासी नाराजगी थी। इसका कारण था कि जिले में कुल तैनात 211 शिक्षकों के सापेक्ष पांच अतिरिक्त स्कूलों को जोड़ते हुए 216 स्कूलों की काउंसिलिंग एक साथ होनी थी।
ऐसे में पहली सूची में जारी 87 ऐसे स्कूल थे जो नितांत निर्जन व दूर दराज क्षेत्र के थे। जहां दिव्यांग व महिलाओं का पहुंचना ही कठिन था। इस समस्या की शिकायत अभ्यर्थियों ने जब बीएसए व अन्य लोगों से की तो मामला सीडीओ तक पहुंचा। समस्या के समाधान के लिए सीडीओ ने बीएसए सहित परियोजना के अधिकारियों से वार्ता कर शिक्षकों के सापेक्ष 216 स्कूलों की सूची जारी कराई। सूची जारी होने के बाद काउंसिलिंग प्रारंभ हो सकी। इस संबंध में सीडीओ ईशान प्रताप सिंह का कहना था कि बेसिक शिक्षा निदेशालय से ही पहले दौर में 87 स्कूलों की सूची प्राप्त हुई थी। इस समस्या की ओर जब निदेशालय का ध्यान आकर्षित कराया गया तो रिक्त पदों के सापेक्ष सूची भेजी गई। जिसके आधार पर काउंसिलिंग प्रारंभ कराई गई।