श्रावस्ती/तुलसीपुर। तराई में प्रमुख मार्गों से लेकर सैकड़ों ग्रामीण सड़कों तक की हालत खराब है। कई सड़कों पर डामर उखड़ने से बजड़ियां ही बची हैं। जगह-जगह बने गड्ढे राहगीरों के लिए मुसीबत बने हैं। बाइक सवार गिरकर चोटिल हो रहे हैं, जबकि वाहनों के रखरखाव का खर्च भी बढ़ रहा है। कई बार शिकायत के बावजूद मरम्मत नहीं होने से लोगों में आक्रोश है।
एक साल पहले मरम्मत, फिर उखड़ गई सड़क
गिलौला विकासखंड के बौद्ध परिपथ स्थित तिलकपुर गांव से बंतवारा तक जाने वाली सड़क जगह-जगह धंस गई है। गड्ढों से भरे इस मार्ग से कई गांवों के साथ बहराइच जिले के डुहरू गांव के लोग भी गुजरते हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, एक साल पहले ही सड़क की मरम्मत कराई गई थी। बारिश के बाद हालत और खराब हो गई है। बंतवारा निवासी प्रदीप गुप्ता, आदर्श मिश्रा, महेश और मोनू ने बताया कि प्रतिदिन बाइक और साइकिल सवार गिरकर चोटिल हो रहे हैं।
लक्ष्मननगर-गिलौला मार्ग पर जानलेवा गड्ढे
बहराइच-भिनगा फोरलेन से गिलौला विकासखंड जाने वाले लक्ष्मननगर-गिलौला मार्ग पर कई जगह बड़े गड्ढे हैं। अचानक सामने आने वाले गड्ढों से राहगीर गिरकर चोटिल हो रहे हैं। इनसे बचने के प्रयास में वाहनों के टकराने का खतरा भी बना रहता है। मुन्नन तिवारी, सलमान और नीरज शुक्ला ने बताया कि सड़क पर नई परत बिछाई गई थी, लेकिन वह उखड़ने से पुरानी सड़क दिखने लगी है। जिम्मेदारों की ओर से गड्ढे नहीं भरवाए जा रहे हैं।
गिट्टियां उखड़ीं, सफर बना मुसीबत
जमुनहा विकासखंड में मिर्जापुर-महदेवा होते हुए सलारपुर जाने वाला मार्ग भी बदहाल है। सड़क की गिट्टियां उखड़ने से जगह-जगह बड़े गड्ढे बन गए हैं। डामर के नाम पर केवल बजड़ियां दिखाई देती हैं। डांडेकुइयां निवासी मुहीद खान और सगीर अहमद ने बताया कि जर्जर सड़क पर चलना मुश्किल हो गया है। कई बार शिकायत के बावजूद मरम्मत नहीं कराई गई। इससे राहगीरों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है।
मार्ग पर बने गड्ढे
मार्ग पर बने गड्ढे