जमुनहा (श्रावस्ती)। जिले में सिंचाई विभाग की लापरवाही के कारण मछुआरे डेंजर जोन में भी मछलियों का शिकार कर रहे हैं। इससे कभी किसी बड़ी घटना की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है। इसके बावजूद जिम्मेदार पूरी तरह से चुप्पी साधे हुए हैं। जमुनहा तहसील क्षेत्र स्थित चौधरी चरण सिंह राप्ती बैराज से नेपाल सहित पहाड़ों से आने वाला पानी रोक कर राप्ती नदी में छोड़ा जाता है। मौजूदा समय यहां राप्ती बैराज का गेट संख्या दो व चार खोला गया है जिसमें बैराज का पानी राप्ती नदी में छोड़ा जा रहा है। यहां पानी की गति इतनी तेज है कि जो भी इसमें गिरा वह कई किलोमीटर दूर जाकर दिखाई देगा। इसके बावजूद क्षेत्रीय मछुआरे अपनी जान की परवाह किए बगैर जान जोखिम में डाल कर गेट पर रस्से के सहारे नीचे उतर कर मछली पकड़ रहे हैं।
इस काम में बच्चे भी शामिल हैं। जबकि पास में ही रह रहे सिंचाई विभाग के कर्मचारी न तो इन्हें टोकना मुनासिब समझते है और न ही इसकी सूचना मल्हीपुर पुलिस सहित उच्च अधिकारियों को ही दे रहे है। बैराज पर तैनात कर्मचारियों का कहना है कि यह सभी दबंग किस्म के लोग हैं जो मना करने पर भी नहीं मानते।