श्रावस्ती। निशक्तों को अब कृत्रिम अंग व उपकरण के लिए जिला व ब्लॉक मुख्यालयों का चक्कर नहीं लगाना होगा। इसके लिए भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को) व जन सुविधा केंद्र (सीएससी) की ओर से नवीन प्रयोग शुरू किया गया है। इसके तहत अब पात्रों को जन सुविधा केंद्र से ही ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
इस बारे में और जानकारी देते हुए जिला दिव्यांग सशक्तीकरण अधिकारी चमन सिंह ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले दिव्यांगों को राहत देने के लिए भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम और जन सुविधा केंद्र की ओर से एक नई शुरुआत की है। इसके तहत कोई भी दिव्यांगजन सक्षम अधिकारी की ओर से जारी किया गया 40 प्रतिशत या उससे अधिक का दिव्यांगता प्रमाणपत्र के साथ जिले के किसी भी जन सुविधा केंद्र में पहुंच कर अपना ऑनलाइन पंजीकरण करा सकता है।
इसके साथ ही आवेदक को आय सीमा में भी छूट दी गई है। इसके तहत कृत्रिम अंग पाने के लिए संबंधित दिव्यांग की वार्षिक आय एक लाख अस्सी हजार रुपये तक कर दी गई है। ऐसे में अब दिव्यांगों को जिले के किसी भी सीएससी पर कृत्रिम अंग एवं उपकरण लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके बाद एलिम्को कानपुर की ओर से उन्हें निशुल्क कृत्रिम अंग अथवा उपकरण उपलब्ध कराया जाएगा। लाभ लेने के लिए आवेदक के पास दिव्यांगता प्रमाणपत्र होना अनिवार्य है।
यह मिलेंगे कृत्रिम अंग व उपकरण
कृत्रिम अंग व सहायक उपकरण पाने के लिए दिव्यांग के पास 40 प्रतिशत या उससे अधिक की दिव्यांगता का प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। इस प्रमाणपत्र के साथ जिले के किसी भी सीएचसी पर आवेदन किया जा सकता है। इसके बाद एलिम्को की ओर से कृत्रिम हाथ, पैर के अलावा सहायक उपकरण बैसाखी, ट्राई साइकिल, व्हीलचेयर, कान की मशीन व स्मार्ट केन उपलब्ध कराएगा।