श्रावस्ती। गिलौला क्षेत्र के ग्राम एकडगवा में प्रधान व ग्राम सचिव की ओर से अपात्रों को शौचालय का लाभ दे दिया गया। इसका खुलासा सीडीओ की ओर से की गई जांच में हुआ। जांच में पता चला कि प्रधान व ग्राम सचिव ने बारह ऐसे अपात्रों को शौचालय का लाभ दे दिया जिनका नाम न तो लाभार्थियों की सूची में था, और न ही वह पात्र हैं। इसके बाद भी उन्हें धन अवमुक्त कर दिया गया। ऐसे में अपात्रों को शौचालय का लाभ देने पर प्रधान व सचिव से धन की रिकवरी कराने का निर्देश सीडीओ ने दिया है।
मुख्य विकास अधिकारी अवनीश राय ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत बेसलाइन सर्वे 2012 में छूटे एवं बढ़े हुए परिवारों को फिर से सर्वे कराकर पात्रों को शौचालय निर्माण योजना का लाभ दिया जाना था। इसके तहत एकडगवा की ग्राम प्रधान शांति देवी व ग्राम सचिव बुझई राम ने गांव में 173 लोगों को योजना का पात्र बताते हुए शौचालय आवंटित कराया।
इसमें 12 ऐसे लोगों को भी योजना का लाभ दिया गया, जिनका नाम बेस लाइन सर्वे 2012 व एलओबी फीडिंग में नहीं था। इसके बाद भी उनको शौचालय निर्माण के लिए धन दे दिया गया। ऐसे 12 लाभार्थियों को दी दिए गए 144000 रुपये शासकीय धन के दुरुपयोग की श्रेणी में आता है।
इस पर ग्राम प्रधान और सचिव को आदेशों का उल्लंघन कर अपात्रों को लाभ देने के कारण आधी-आधी राशि 72000 - 72000 रुपये तीन दिन के अंदर जिले के ईबीआर खाता संख्या 50479482533 इलाहाबाद बैंक विकास भवन में जमा करने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही धन जमा न होने पर संबंधितों के विरुद्ध शासकीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। यदि ग्राम सचिव की ओर से आधी राशि नहीं जमा की गई तो उनके वेतन से छह माह तक किश्तों में धन की वसूली कराने के लिए जिला पंचायतराज अधिकारी को निर्देशित किया गया है।