राप्ती का घटा जलस्तर, कटान की बढ़ी संभावना
नदी के तटीय इलाकों पर रहने वाले ग्रामीणों की बढ़ी मुसीबत, खतरे के निशान से 30 सेंटीमीटर नीचे बह रही नदी
संवाद न्यूज एजेंसी
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श्रावस्ती। राप्ती नदी का जलस्तर विगत एक सप्ताह से घट बढ़ रहा है। दो दिन पूर्व राप्ती नदी अपने खतरे के निशान से काफी ऊपर पहुंच गई थी। लेकिन सोमवार को राप्ती का जलस्तर सामान्य हो गया। इसी के साथ ही राप्ती के तटीय इलाकों में कटान तेज हो गई। कई स्थानों पर गांव कट रहे हैं तो कहीं खेत।
राप्ती नदी में पहाड़ों पर होने वाली बरसात का पानी आ जाने के कारण जलस्तर विगत एक सप्ताह से घट बढ़ रहा है। शनिवार को तो राप्ती का जलस्तर अपने खतरे के निशान 127.70 मीटर से बढ़ कर 128.40 मीटर पर पहुंच गया था। खतरे के निशान से यह मापक लगभग 63 सेंटीमीटर ऊपर था। जिसके चलते बाढ़ का पानी घरों में भी घुस गया था।
सोमवार राप्ती नदी का जलस्तर घट कर 127.40 मीटर पर पहुंच गया। यह खतरे के निशान से करीब 30 सेंटीमीटर नीचे है। इससे तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा तो टल गया। लेकिन कटान के कारण ग्रामीणों की समस्या बढ़ गई है। यहां लक्ष्मनपुर कोठी, डेहरिया, मोहम्मदपुर, धर्मनगर, गाजोबारी, मोहनपुर, टेपरा, अशरफ नगर, लक्ष्मनपुर सेमरहनीय, शिकारी, सर्रा, पोंदला, पोंदली, वीरपुर सहित अन्य गांवों में कटान हो रही है। जबकि जमुनहा व हरिहरपुररानी क्षेत्र में लगभग सौ हेक्टेअर से अधिक जमीन व फसल कटान की जद में आ गई है। जिसके चलते ग्रामीणों की समस्या अब बाढ़ से ज्यादा भयावह हो चुकी है।
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नदी के घटते-बढ़ते जल स्तर पर निगरानी रखी जा रही। सभी बाढ़ चौकी प्रभारियों एवं चौकी पर तैनात अधिकारियों, कर्मचारियों को सक्रिय रहने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा सभी नोडल अधिकारी एवं उपजिलाधिकारी भी अपने क्षेत्रों में निगरानी रखे जाने के निर्देश दिये गये है।
-टीके शिबु, जिलाधिकारी
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खेतों को मिला पानी तो शुरू हुई रोपाई
जमुनहा व हरिहरपुररानी विकास खंड क्षेत्र के कुछ गांवों में भले ही बाढ़ के कारण किसानों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा हो। लेकिन नदी तट से दूरी पर बसे गांवों में इस बरसात से किसानों को फायदा ही फायदा है। बरसात समाप्त हो जाने के बाद भी खेतों में पानी भरा हुआ है। जिसके चलते किसान अब रोपाई का काम प्रारंभ कर चुके है। यहां तक कि कुछ इलाकों में रोपाई का कार्य पूरा हो चुका है। जिससे किसानों को कुछ राहत मिली है।