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राप्ती में घटा पानी पर कटान तेज

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श्रावस्ती। राप्ती तीसरे दिन खतरे के निशान से नीचे पहुंच गई। इसके साथ ही नदी ने कटान तेज कर दी है। गिलौला के मध्य नगर गांव में कई मकान तो जमुनहा क्षेत्र में कई बीघा फसल नदी की धारा में समाहित हो गई है। वहीं कुछ गांवों में नदी कटान करते हुए आबादी तक पहुंच गई है। इससे लोग खुद ही अपना घर तोड़ कर सामान सुरक्षित स्थान पर पहुंचा रहे हैं। लोगों ने चकरोड के किनारे तो कहीं बगीचों में अपना आशियाना बना लिया है।
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जिले में विगत दो दिनों से राप्ती खतरे के निशान के ऊपर चल रही थी। रविवार सुबह छह बजे राप्ती का जलस्तर खतरे के निशान से दस सेंटीमीटर नीचे पहुंच गया। नदी का जलस्तर तो घटा लेकिन अब राप्ती ने कटान तेज कर दी है। जमुनहा के कथरामाफी के मजरा मारवाड़ी पुरवा में गांव के पास राप्ती की धारा देख लोगों ने अपने मकानों को तोड़ना शुरू कर दिया है। ऐसे कि गांव के रामफरेन व रामनेवास ने घर छोड़ कर बगीचे में आश्रय लिया है।
इसी मजरे के हसनापुर में हो रही कटान के बाद ग्रामीणों ने गांव से दूर खड़ंजे के किनारे आशियाना बना लिया है। कटान के चलते गांव के पास खेतों में लगी फसल नदी में समाहित होती जा रही है। यहां किसान चाह कर भी अपनी फसल को नहीं बचा पा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई दिनों से भीषण बाढ़ का कहर है। अब तक गांव में 11 लोग अपना पक्का मकान गिरा चुके हैं। कई हेक्टेअर भूमि जलमग्न हो चुकी है। लेकिन अभी तक लेखपाल या कोई भी अधिकारी नुकसान का जायजा लेने के लिए नहीं आया है।
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इन गांवों में भी राप्ती का कहर
नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही बेलरी, गंगाभागड़, कलकलचवा, सर्रा, बरगदहा, अमवा, मोहम्मद पुर कला, बरंगा, अशरफ नगर, शाहपुर, रामपुर ककरा, राजावीरपुर , मनिकापुर में राप्ती का कहर बढ़ गया है। यहां पर नदी खेतों में कटान कर फसलों को धारा में समाहित कर रही है। अभी तक गांव में कोई भी राजस्व कर्मी नुकसान का जायजा लेने नहीं पहुंचा है।
इनके कटे घर व खेत
गिलौला के मध्य नगर गांव में राप्ती कटान कर रही है। यहां नदी ने प्रमोद, राम फेरन व कृपा राम के घर को अपनी धारा में मिला लिया है। वहीं गांव निवासी शेष राज व स्वामी नाथ का घर कटान के मुहाने पर है। उधर जमुनहा के कथरामाफी के मजरा हसनापुर निवासी रामबहादुर का साढ़े पांच बीघा, अमृत लाल का ढाई बीघा, झुर्री का तीन बीघा, बुधराम व रामअचल का पांच बीघा, राम अचल, बच्छराज व गंगा के छह बीघा खेत को काट कर राप्ती ने धारा में मिला लिया है। वहीं राजित राम, सत्यनाम, गोकुल प्रसाद आदि की घरुही कट कर नदी की धारा में विलीन हो गई है।
खुद से गिरा रहे आशियाना
जमुनहा के कथरामाफी के मजरा मारवाड़ी पुरवा में राप्ती कटान कर रही है। ऐसे में कई ग्रामीणों के घर नदी के निशाने पर है। इसे देखते हुए गांव निवासी राजेश कुमार यादव, पुत्तन, बच्चा राम, रामप्रघट, पति राम, बच्छराज, मुन्नीलाल, रामनिवास, राम फेरन, गिरवल व बिरजा आदि अपने हाथों से खुद आशियाना तोड़ रहे हैं।
राप्ती की कटान की सूचना अभी नहीं मिली है। जिन गांवों में कटान बताई जा रही है वहां लेखपाल व कानूनगो को भेजकर नुकसान का सर्वे कराया जाएगा। जो भी नियमानुसार सहायता होगी वह ग्रामीण को उपलब्ध कराई जाएगी। - योगानंद पांडेय, एडीएम
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