तुलसीपुर। तराई में शनिवार देर शाम से बारिश के कारण राप्ती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। रविवार को नदी खतरे के लाल निशान के बेहद करीब पहुंच गई। इससे तटवर्ती गांवों के ग्रामीणों में बाढ़ की आशंका को लेकर दहशत है।
नेपाल और तराई के मैदानी इलाकों में शनिवार देर शाम से बारिश शुरू हुई। देर रात कई क्षेत्रों में झमाझम बारिश हुई। लक्ष्मनपुर कोठी स्थित चौधरी चरण सिंह राप्ती बैराज पर रविवार सुबह नौ बजे जलस्तर 127.50 सेमी दर्ज हुआ। दोपहर 12 बजे यह बढ़कर 127.60 सेमी और शाम तीन बजे 127.65 सेमी पहुंच गया। नदी का खतरे का लाल निशान 127.70 सेमी है। ऐसे में नदी लाल निशान से महज पांच सेंटीमीटर नीचे है। जलस्तर में लगातार वृद्धि से बाढ़ की आशंका बढ़ गई है।
कई गांवों पर बाढ़ का संकट
राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ने से दर्जनों तटवर्ती गांवों पर बाढ़ का संकट मंडरा रहा है। कथरा माफी गांव में सड़कों के किनारे झोपड़ियां बनाकर रह रहे ग्रामीण चिंतित हैं। इनमें कई परिवार करीब 10 वर्ष पहले हसनापुर में बाढ़ से विस्थापित हुए थे। अब उन्हें कथरा माफी में दोबारा विस्थापित होने का डर सता रहा है। गजोबरी, बंदरा, टेपरा, मोहनपुर, भरथा, हसनापुर बरगा, सलारूपुरवा, घाटेपुरवा, वीरपुर, लौकिहा, शिकारीचौड़ा, जोगिया, भगवानपुर, पोंदिला, पोंदिली और लक्ष्मनपुर जैसे कई गांवों पर भी बाढ़ का खतरा है।