फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shravasti News: खेतों को निगल रही राप्ती

Sat, 20 Sep 2025 12:46 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
विज्ञापन
बंदरहा बाबा कुटी के नीचे भरा पानी। -संवाद
विज्ञापन
श्रावस्ती/तुलसीपुर। जमुनहा तहसील क्षेत्र में राप्ती का कहर जारी है। 24 घंटे में नदी 15 बीघा खेतों को निगल चुकी है, इससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। लहरें कटान करते हुए तेजी से प्राचीन बंदरहा बाबा मंदिर की ओर भी बढ़ रही हैं। शुक्रवार को मंदिर के पास बने राप्ती नाला के पुल की दीवार पानी में समाहित हो गई, इससे लोगों को पुल के कटने का भी खतरा सताने लगा है।
विज्ञापन



तराई में छह दिन से जारी बारिश के बीच नेपाल के पहाड़ों पर बारिश थमी हुई है, इससे राप्ती का जलस्तर स्थिर है और 127.40 मीटर पर बना हुआ है। राप्ती का जलस्तर घटने के साथ ही नदी और घातक हो गई है। तेजी से घाटेपुरवा, सलारूपुरवा, वीरपुर व शिकारी चौड़ा आदि गांवों की खेती योग्य जमीन निगल रही है।

बृहस्पतिवार की रात से शुक्रवार की सुबह तक राप्ती ने शिकारीपुरवा निवासी नरेश वर्मा, सुदरलाल वर्मा, मिश्रीलाल, मस्तराम, नकछेद, भुसैली, जिलाजीत, सुरेश, दौलतराम वर्मा, भड़काऊ व दुक्खीराम समेत कई अन्य किसानों का लगभग 15 बीघा खेत काट कर अपने में समाहित कर लिया।
विज्ञापन


यही नहीं राप्ती वीरपुर गांव में भी तेजी से कटान कर रही है। अब तक सुंदर चौहान, जगतराम पासवान, बरसाती लाल, गिरवर प्रसाद विश्वकर्मा, मूने साहू, बलराज विश्वकर्मा, बाबादीन साहू, गिरवर मिश्रा सहित कई किसानों का 50 बीघा से अधिक खेत पहले ही काट चुकी है, जिसके चलते किसानों में दहशत का माहौल है।




बंदरहा बाबा मंदिर पर भी मंडरा रहा खतरा
कटान के चलते बंदरहा बाबा मंदिर पर भी खतरे के बादल मंडराने लगे हैं। बृहस्पतिवार की रात राप्ती की धारा ने मंदिर के पास से गुजरे राप्ती नाला पर बने पुल की दीवार को काट कर अपने में समाहित कर लिया। इसके चलते नाले पर बने पुल के भी ढहने का खतरा बन गया है। नदी शिकारी चौड़ा गांव निवासी ओमकार के बाग का भी तेजी से कटान कर रही है। बताते चलें कि बंदरहा बाबा से सटा हुआ राप्ती नदी नाला है, इस पर वर्ष 2020-21 में पुल का निर्माण कराया गया था, जो कटान की जद में आ गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें