मधवापुर घाट के पास बनी ठोकर काटती राप्ती नदी
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जमुनहा (श्रावस्ती)। राप्ती नदी अक्सर अपना रास्ता बदलती रही है। नदी का धाराएं जहां भी मौका पाती हैं वहां काट कर अपना रास्ता बनाती रही हैं। ऐसे में जब नदी का जलस्तर खतरे का निशान पार कर गया तो इसकी लहरें मधवापुर घाट पुल के निकट रास्ता बदलने को बेताब है। नदी का मुहाना बदलने के कारण पुल व सड़क की सुरक्षा के लिए बनाए गए ठोकर को नदी तेजी से काट कर आगे बढ़ रही है। जिससे सड़क कटने का खतरा बढ़ गया है।
मल्हीपुर भिनगा मार्ग पर स्थित मधवापुर घाट के पास राप्ती नदी में अपना मुहाना बदल लिया है। जहां अब कटान तो धीमी हो गई है। लेकिन पुल के पास सुरक्षा के लिए बनाए गए ठोकर पर नदी तेजी से कटान कर रही है। पुल के पूर्व में बने ठोकर का कई मीटर हिस्सा नदी में कट कर समाहित हो चुका है। वहीं नदी के बदले हुए रूख को देखते हुए लोक निर्माण विभाग ठोकर को बचाने के लिए जुटा हुआ है।
वहीं सर्रा गांव के पास 14 वें किलोमीटर भंगहा मोड़ के पास बनी पुलिया व तेज प्रताप सिंह के बने मकान के सामने नदी के पानी का बहाव तेज होने के कारण सड़क के कटने का खतरा मंडराने लगा है।
अब तक सड़क की उत्तरी पटरी कई मीटर किनारेे कट चुकी है। जिसे बचाने के लिए प्रशासन की ओर से अभी कोई पहल नहीं की गई है। ऐसे में यदि सड़क कटी तो करीब 16 गांव के लोगों का आवागमन ठप हो जाएगा। बल्कि जमुनहा भंगहा मार्ग भी बाधित हो जाएगा। स्थानीय लोगों का मानना है कि प्रशासन को तत्काल पहल करनी चाहिए।
यही स्थिति जमुनहा बहराइच मार्ग स्थित बहोरवा से जोगिया व भालुइया जाने वाले संपर्क मार्ग की भी है। जंगलदास कुट्टी के पास बनी डिप के क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण लोगों का आवागमन प्रभावित है। ऐसे में क्षेत्र वासियों ने जिलाधिकारी टीके शिबु से हस्तक्षेप कर आवागमन बहाल कराने के लिए राहत व बचाव कार्य शुरू कराने की मांग किया है।