श्रावस्ती/तुलसीपुर। नेपाल के पहाड़ों व तराई में बीते दिनों से जारी झमाझम बारिश के कारण राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ गया है। सोमवार को राप्ती ने रौद्र रूप धारण कर लिया। शाम होते-होते नदी खतरे के लाल निशान से 30 सेमी ऊपर बहने लगी। इससे तटवर्ती गांवों के ग्रामीण बाढ़ को लेकर सहमे रहे।
सोमवार को दिन भर राप्ती के जलस्तर में उतार-चढ़ाव देखा गया। लक्ष्मणपुर कोठी स्थित चौधरी चरण सिंह राप्ती बैराज पर सुबह चार बजे से आठ बजे तक जलस्तर 127.80 मीटर दर्ज हुआ। यह खतरे के निशान 127.70 मीटर से 10 सेमी अधिक था। नौ बजे जलस्तर घटकर 127.75 मीटर हो गया। इसके बाद 11 बजे यह 127.70 मीटर पर पहुंच गया। दोपहर एक बजे जलस्तर फिर बढ़कर 127.80 मीटर हो गया। तीन बजे 127.90 मीटर और शाम चार बजे 128.00 मीटर दर्ज किया गया। चार बजे के बाद जलस्तर स्थिर हो गया, जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
- गाइड वॉल पर कटान का खतरा
राप्ती का जलस्तर बढ़ने से कटान रोकने के लिए बनाए गए गाइड वॉल पर भी खतरा मंडरा रहा है। सोमवार को मल्हीपुर-भिनगा मार्ग पर मधवापुर घाट पुल के पास गाइड वॉल क्षतिग्रस्त होती दिखी। नदी की तेज धारा के कारण यह कटान हो रहा है। इससे आसपास के क्षेत्रों में चिंता बढ़ गई है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
- तराई में लगातार बारिश
तराई क्षेत्र में बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। सोमवार को भी तराई में 22.5 एमएम बारिश दर्ज की गई। इससे कई जगहों पर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। रविवार को सर्वाधिक 55 एमएम बारिश हुई थी। शनिवार को तराई में 19.5 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई थी। इस लगातार बारिश से धान और गन्ना किसानों में खुशी का माहौल है।
- इन गांवों पर बाढ़ का संकट
राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ने से कई तटवर्ती गांवों पर बाढ़ का संकट गहरा गया है। इनमें कथरा माफी, गजोबरी, बंदरा, टेपरा, मोहनपुर, भरथा, हसनापुर बरगा शामिल हैं। सलारूपुरवा, घाटेपुरवा, वीरपुर, लौकिहा, शिकारीचौड़ा, जोगिया, भगवानपुर भी प्रभावित हैं। पोंदिला, पोंदिली और लक्ष्मणपुर के ग्रामीण भी सहमे हुए हैं। ये सभी ग्रामीण राप्ती के जलस्तर पर लगातार नजर रखे हुए हैं।
मधवापुर घाट के पास कटान करती राप्ती नदी,बारिश के बीच छाता लेकर निकलता व्यक्ति।