श्रावस्ती। तराई में सावन के मेघ सोमवार शाम झूमकर बरसे। इससे खेत खलिहान सहित नगर व गांव की गलियां जलमग्न हो गई। पहाड़ों पर हुई बरसात के कारण भिनगा जंगल के मध्य बहने वाले केन नाला सहित अन्य पहाड़ी नालों का जलस्तर भी बढ़ गया है। बरसात के कारण जगह जगह कीचड़ व जलभराव के कारण लोगों की परेशानी भी बढ़ी हैं।
जिले में सोमवार सुबह से ही उमड़ रहे घने काले बादल शाम अचानक झूम कर बरस गए। शाम को शुरू हुई झमाझम बरसात करीब बीस मिनट तक जारी रही। बरसात के कारण खेत पूरी तरह से जलमग्न हो गए हैं। नेपाल के पहाड़ों पर होने वाली बरसात के कारण सिरसिया क्षेत्र में बहने वाला भैंसाही नाला, सूरज कुंडा, हथिया कुंडा सहित भिनगा जंगल के मध्य बहने वाला केन नाला भी उफान पर आ गए, जिससे सिरसिया क्षेत्र के कई गांव में खेत जलमग्न हो गए। वहीं, केन नाला के उफान के कारण भिनगा जंगल एक बार फिर पानी से लबालब हो गया। ऐसे में जंगल के पानी भिनगा लक्ष्मनपुर मार्ग स्थित रेहली बिशुनपुर डिप की ओर बहने लगा है।
इससे मार्ग पर वाहनों का संचालन ठप होने का खतरा बढ़ गया है। झमाझम बरसात के बाद भिनगा नगर के ईदगाह तिराहे से लेकर पुरानी मछली मंडी, दहाना तिराहा, लकड़ी मंडी, पानी टंकी तिराहा, सब्जी मंडी मार्ग, खलवा बाजार, खैरी मोड़, खरगौरा मोड़, तहसील परिसर, कृषि भवन परिसर, बड़ी मसजिद, बाछिल गली, दहाना बस स्टैंड व विद्युत उपकेंद्र भिनगा सहित नगर के कई अन्य स्थानों पर मुख्य मार्ग पर जलभराव के कारण लोगों को आवागमन में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। यही हाल जमुनहा बाजार, तुलसीपुर बाजार, चिचड़ी चौराहा, बरदेहरा, बदला सहित अन्य स्थानों का भी है। यहां कीचड़ व जलभराव के कारण लोगों का राह चलना मुश्किल हो रहा है।