ककरहा गांव में तेंदुए को पकड़ने के लिए लगाया गया पिंजरा।
मिहींपुरवा। कतर्नियाघाट के ककरहा गांव में तेंदुए के हमले में 70 वर्षीय श्रीराम की मौत होने के बाद भी सुरक्षा के कोई बेहतर उपाय न होने पर सोमवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर वन विभाग के खिलाफ नाराजगी जताई और जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी तथा डीएफओ अपूर्व दीक्षित को प्रार्थना पत्र भेजकर मृतक के परिवार को तत्काल मुआवजा, गांव में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने और हमलावर वन्यजीव को जल्द पकड़ने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग ने घटना के बाद पिंजरा तो लगा दिया है, लेकिन इससे लोगों का डर कम नहीं हुआ है।
ग्रामीणों ने बताया कि 17 जुलाई की रात श्रीराम पर तेंदुए ने हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। इसके बाद ककरहा, अहिरनपुरवा और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। वन विभाग ने अहिरनपुरवा में पिंजरा लगाकर निगरानी शुरू कर दी है। ग्रामीणों का कहना है कि केवल पिंजरा लगाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। बल्कि हमलावर वन्यजीव को शीघ्र पकड़ा जाए। ग्रामीण इसे बाघ का हमला बता रहे हैं, हालांकि वन विभाग का कहना है कि श्री राम की मौत तेंदुए के हमले में हुई है।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
-मृतक श्रीराम के आश्रितों को तत्काल आर्थिक सहायता व मुआवजा।
-ककरहा व आसपास के गांवों में वनकर्मियों की नियमित गश्त।
-हमलावर वन्यजीव की पहचान कर उसे शीघ्र पकड़ने की कार्रवाई।
-जंगल से सटे गांवों में रात्रिकालीन सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ाई जाए।