श्रावस्ती। लंबित मांगों को लेकर मंगलवार को राज्य कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन तहसीलदार भिनगा को सौंपा।
तहसीलदार भिनगा राज कुमार पांडेय को सौंपे ज्ञापन में परिषद जिलाध्यक्ष अवधेश कुमार यादव ने कहा कि राज्य कर्मचारियों को पूर्व में मिल रही पुरानी पेंशन व्यवस्था मूल रूप में बहाल की जाए। वार्षिक प्रविष्टि में अति उत्तम की बाध्यता समाप्त करते हुए सक्षम अधिकारी की ओर से वार्षिक प्रविष्टि प्रदान करने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए जाए।
राज्य कर्मचारियों की 50 वर्ष की आयु पार कर लेने पर अनिवार्य सेवानिवृत्ति के मामले में पारदर्शिता के साथ मार्ग दर्शक सिद्धांतों को घोषित करते हुए पालन किया जाए। कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू होने की घोषणा के बावजूद उच्च सुविधायुक्त चिकित्सीय संस्थानों के साथ शासकीय अनुबंध अभी तक नहीं हो सका है।
अनुबंध पर चिकित्सा सुविधा शुरू की जाए। केंद्रीय सेवा में पद से पद की समानता से इतर केंद्र में पद न होने पर उत्पन्न वेतन विसंगतिया दूर की जाए। कर्मचारियों, पेशनर्स व सेवानिवृत्त के हेल्थकार्ड अभियान चलाकर बनवाये जाये। केंद्रीय कर्मचारियों के भत्तों पर निर्णय हो जाने के पश्चात प्रदेश के कार्मिकों को भी केंद्र के समान भत्ते प्रदान किये जाये।
वेतन समिति की ओर से जारी वेतन विसंगतियों के निर्णय लागू किए जाएं। फील्ड कर्मचारियों को उच्चस्तरीय समिति में तयशुदा बाइक भत्ता स्वीकृत किया जाय। वर्ष 2001 तक विनियमित किये गये कर्मचारियों की सेवा जोड़कर पेंशन का लाभ दिया जाए। पूर्व में की गई सेवाओं जैसे तदर्थ, अंशदायी, सामयिक, वर्कचार्ज, दैनिक वेतन की अवधि को जोड़कर पेंशन का लाभ दिया जाए।
अप्रैल 2005 तक के कर्मचारियों को विनियमित करते हुये सेवा/पेंशन का लाभ दिया जाय। अप्रैल 2005 से पूर्व निकाली गई रिक्तियों के सापेक्ष 2005 के बाद योगदान करने वाले कार्मिक व शिक्षकों के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू की जाये। संविदा व आउट सोर्सिंग के रूप में कार्य कर रहे कार्मिकों को निश्चित अवधि के बाद पूर्ण कालिक राज्य कर्मचारी घोषित किया जाय।
समान कार्य समान योग्यता पर समान वेतन का सिद्धांत लागू किया जाए। ठेकेदारी व्यवस्था को समाप्त करके सीधी नौकरी के रास्ते खोलकर रोजगार दें। इसके साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, रसोइयों, ग्राम रोजगार सेवकों, मनरेगा कर्मी, एनआरएचएम कर्मिक/कंप्यूटर ऑपरेटर, पीआरडी जवानों की भी मांगें पूरी की जाएं। ज्ञापन सौंपने के दौरान काफी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।