श्रावस्ती। शासन की ओर से प्रतिबंध के बावजूद कार्य बहिष्कार पर अड़े रहना जिले के लेखपालों को भारी पड़ा। लेखपालों की कार्यप्रणाली से नाराज जिला प्रशासन ने बुधवार शाम नो वर्क नो पे के आधार पर 100 लेखपालों को नोटिस जारी किया है।
उधर अपनी आठ सूत्री मांगों को लेकर राजस्व लेखपालों का अनिश्चित कालीन कार्य बहिष्कार बुधवार को भी जारी रहा। इससे आय, जाति व निवास प्रमाण पत्रों के साथ ही भूमि विवाद के मामले लटके हुए हैं। लंबित मांगों को लेकर राजस्व लेखपाल काफी समय से कार्य बहिष्कार कर रहे हैं। इससे तहसीलों में काम प्रभावित हो रहा है।
लोगों की परेशानी को देखते हुए हुए शासन ने लेखपालों की हड़ताल को प्रतिबंधित करते हुए जिला प्रशासन को एस्मा लागू कर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके तहत बुधवार को जिला प्रशासन ने 100 लेखपालों को नो वर्क नो पे के आधार पर नोटिस जारी किया है।
एडीएम योगानंद पांडेय ने बताया कि शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने लेखपालों पर कार्रवाई शुरू की है। इसके तहत कार्य बहिष्कार करने वाले 100 लेखपालों को नो वर्क नो पे के आधार पर नोटिस जारी किया गया है। उधर लेखपालों के प्रदर्शन के दौरान उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष गोविंद मिश्र ने कहा कि हम एसीपी विसंगति दूर करने की मांग कर रहे हैं।
लेखपालों को 30 नवंबर 1994 से पूर्व नियुक्त सोलह वर्ष की सेवा का द्वितीय एसीपी के रूप में ग्रेड पे 4200 रुपये व 30 नवंबर 1994 के बाद नियुक्त लेखपालों को सोलह वर्ष की समान सेवा पर ग्रेड पे 2800 रुपये मिल रहा है। इस विसंगति को दूर किया जाए।
लेखपालों के कार्य में वृद्धि एवं विशिष्ट व तकनीकि महत्व को देखते हुए उनका प्रारंभिक ग्रेड पे 2000 रुपये से बढ़ाकर 2800 रुपये किया जाए। 2001 में चयनित व 2003-04 में प्रशिक्षित लेखपालों की नियुक्ति एक अप्रैल 2005 के बाद होने के कारण उन्हें पुरानी पेंशन से वंचित किया गया है। इस विसंगति को दूर किया जाए।
जयंत सिंह ने कहा कि हमें राजस्व परिषद की संस्तुति के अनुसार विशेष भत्ता एवं स्टेशनरी भत्ता दिलाया जाए। इसके साथ ही नियत यात्रा भत्ता के स्थान पर दो पहिया वाहन भत्ता दिया जाए। विक्रम सिंह ने कहा कि राजस्व लेखपाल का पदनाम परिवर्तित कर राजस्व उप निरीक्षक किया जाए। प्रदर्शन के दौरान राम करन गुप्ता, संतोष कुमार यादव, सौम्या तिवारी, दीपाली अग्रवाल, शिल्पी शुक्ला, अर्जुन पटेल, ध्रुव कुमार, कृष्ण चंद्र मिश्रा सहित कई अन्य लेखपाल मौजूद रहे।