श्रावस्ती में पोस्टर प्रतियोगिता में प्रतिभाग करती छात्राएं।
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श्रावस्ती। स्वर्गीय श्यामता प्रसाद चौधरी महिला पीजी कॉलेज खरगौरा बस्ती व महामाया राजकीय महाविद्यालय में निर्मल गंगा जागरूकता यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। इसी के तहत बुधवार को गंगा की भौगोलिक स्थिति विषय पर पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसका शुभारंभ महाविद्यालयों के प्राचार्य ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। प्रतियोगिता में प्रियंका पटेल अव्वल रहीं।
स्वर्गीय श्यामता प्रसाद चौधरी महिला पीजी कालेज में निर्मल गंगा जागरूकता यात्रा अभियान के तहत गंगा की भौगोलिक स्थिति विषयपर पेंटिंग प्रतियोगिता हुई। जिसमें बीए तृतीय वर्ष की छात्रा प्रियंका पटेल प्रथम, बीए तृतीय वर्ष की छात्रा मीनाक्षी सिंह द्वितीय व बीए प्रथम वर्ष की छात्रा माधुरी गुप्ता को तृतीय स्थान मिला। जिन्हें प्राचार्य द्वारा पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
इस दौरान प्राचार्या डा. सिम्मी तिवारी ने कहा कि गंगा की भौगोलिक स्थिति बिल्कुल वैसी है जैसे किसी मानव के शरीर में प्राणदायिनी वायु का होता है। जैसे वह व्यक्ति को जीवित रखने में अपने सर्वस्व को न्यौछावर किये हुए रहती है। ठीक उसी प्रकार से हमारी पवित्र गंगा मां की भूमिका भारत वर्ष के एक बड़े भाग को जीवित रखने में है। जो सदियों से नि:स्वार्थ भाव से अपना योगदान दे रहीं हैं। गंगा की रचना का वर्णन कविवर सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की रचनाओं में देखने को मिलता है। इस दौरान निर्णायक मंडल में वेद प्रकाश द्विवेदी, प्रियंका जायसवाल व अल्फिया परवीन रहीं। इस मौके पर नीलम मौर्या, क्रांति वर्मा, शिवांगी जायसवाल सहित अन्य शिक्षक मौजूद रहे।
वहीं महामाया राजकीय महाविद्यालय में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य डॉ. धर्मेंद्र गुप्त ने कहा कि प्रकृति ने गंगा की रचना बहुत ही सोच समझकर की है। गंगा की महत्ता से हमारे धर्मग्रंथ भरे पड़े हैं। इतिहास विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डा. दिलीप कुमार ने कहा कि गंगा की उत्पत्ति सृष्टिकाल से ही मानी जा सकती है।
उन्होंने गंगा की वर्तमान दशा पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जिस प्रकार से आज कंकड़ पत्थर के जंगल पैदा होते जा रहें हैं। उससे गंगा जैसी नदियों का वास्तविक किनारा सिमटता चला जा रहा है। नदियों की भौगोलिक स्थिति अब वैसी नही रही जैसी कभी थी। उसको बिगाड़ने वाला और कोई नही मानव ही हैं। हमें अपने स्वार्थी मन पर नियंत्रण पाना होगा। इस मौके पर प्रवक्ता डॉ. उपेंद्र कुमार सोनी, डा. आशुतोष मिश्र के साथ ही छात्र-छात्राएं मौजूद रहीं।