इकौना (श्रावस्ती)। मनोहरपुर मटखनवा गांव में एक महिला ने चार बच्चे होने के बाद जनवरी 2022 में नसबंदी कराई थी। इसके बावजूद वह कुछ माह बाद ही गर्भवती हो गई। महिला ने शुक्रवार को एक बच्चे को जन्म दिया। हालांकि समय पूर्व हुए प्रसव के कारण नवजात की मृत्यु जन्म के कुछ घंटे बाद ही हो गई। पीड़ित महिला ने नसबंदी के बाद भी गर्भधारण होने के एवज में स्वास्थ्य विभाग से मुआवजे की मांग की है।
इकौना के मनोहरपुर मटखनवा निवासी सुशीला पत्नी राम पूरन के चार बच्चे थे। इसी कारण उसने जनवरी 2022 को सीएचसी इकौना में लगे नसबंदी कैंप में अपनी नसबंदी करवाई थी। इसके लिए उसे सरकार की ओर से कुछ प्रोत्साहन राशि भी मिली थी। इस नसबंदी के बाद उसने सोचा था कि अब वह अपने बच्चों की अच्छे से परवरिश करेंगी। लेकिन उसकी सोच को नसबंदी के कुछ बाद ही झटका लग गया।
नसबंदी के तीन माह बाद ही उसे पता चला कि वह फिर से मां बनने वाली है। इसी जानकारी के बाद उसने सीएचसी इकौना से संपर्क किया। वहां के स्टाफ ने बताया की बच्चे को जन्म लेने दो, इसके बाद उसे मुआवजा दिलाया जाएगा। इसी के बाद वह वापस आ गई। शुक्रवार को उसने सीएचसी भिनगा में एक बच्चे को जन्म दिया। नवजात की हालत खराब होने के कारण उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
इस घटना के बाद महिला ने स्वास्थ्य विभाग से नसबंदी के बाद भी बच्चे को जन्म देने के मामले में मुआवजे की मांग की है। सीएमओ डा. एपी सिंह ने इस मामले की जानकारी से अनभिज्ञता जताते हुए कहा कि आवेदन मिलने पर नियमानुसार उचित कार्रवाई होगी।