भेसरी गांव के पास गिरे खंभे को दुरुस्त करते कर्मी।
श्रावस्ती/तुलसीपुर/इकौना। अर्नब तूफान से प्रभावित जमुनहा और इकौना तहसील क्षेत्र की ग्रामीण बिजली व्यवस्था लगातार सातवें दिन भी पटरी पर नहीं लौट सकी। दोनों तहसील क्षेत्रों के 500 से अधिक गांवों में बृहस्पतिवार को भी बिजली आपूर्ति ठप रही। इससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बिजली संकट को लेकर लोगों में शासन-प्रशासन और विभागीय अधिकारियों के प्रति नाराजगी है।
जमुनहा क्षेत्र में उल्लहवा और मल्हीपुर विद्युत उपकेंद्रों से आपूर्ति होती है। तूफान के दौरान तेज हवा और बारिश से क्षतिग्रस्त विद्युत पोल और लाइनें सातवें दिन भी पूरी तरह दुरुस्त नहीं हो सकीं। इससे 300 से अधिक गांव प्रभावित हैं। विभाग बहराइच से आने वाली 33 केवी लाइन को दुरुस्त करने का दावा कर रहा है, लेकिन 11 केवी लाइन अब तक ठीक नहीं हो सकी है। हालांकि मल्हीपुर उपकेंद्र से मल्हीपुर चौराहा और वीरगंज बाजार क्षेत्र में बृहस्पतिवार को आपूर्ति बहाल कर दी गई।
ग्रामीणों में जनप्रतिनिधियों के प्रति आक्रोश
इकौना तहसील क्षेत्र में भी गिलौला और इकौना विकासखंड के 200 से अधिक गांव सातवें दिन अंधेरे में रहे। इकौना देहात निवासी पवन कुमार, दिलीप मिश्रा, दिनेश वर्मा और नीरज पांडेय ने बताया कि मोबाइल और अन्य उपकरण चार्ज कराने के लिए इकौना व कटरा कस्बा जाना पड़ रहा है। बिजली न होने से पानी और घरेलू कामकाज प्रभावित हैं। बारिश के बाद उमस ने भी परेशानी बढ़ा दी है। ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारी फोन तक नहीं उठा रहे और जनप्रतिनिधि भी समस्या का संज्ञान नहीं ले रहे हैं। उल्लहवा उपकेंद्र के अवर अभियंता विवेक कुमार कुशवाहा ने बताया कि युद्धस्तर पर काम चल रहा है। 11 केवी मेन लाइन दुरुस्त होने में दो से तीन दिन लग सकते हैं।