श्रावस्ती। तराई में हो रही बारिश का असर आलू किसानों पर पड़ रहा है। खेतों में जल भराव के कारण फसल सड़ने व पत्तियां गलने का खतरा बढ़ गया। वहीं यदि और बरसात हुई तो दलहन व तिलहन की फसल को नुकसान होने की संभावना है। कृषि व उद्यान विभाग ने किसानों को सावधानी बरतने व फसल के बचाव के लिए कई उपाय भी सुझाएं हैं।
तराई क्षेत्र में कई दिनों से रुक रुक कर बरसात हो रही है। इसके चलते खेतों में पानी भी जम रहा है। पानी के इस जमाव के कारण जहां गेहूं की फसल को फायदा होगा। वहीं आलू, दलहन व तिलहन की फसल बर्बाद हो जाएगी। इसका असर अब आलू की फसलों पर देखने को मिल रहा है। देखा जाए तो जिले में कुल 150 हेक्टेअर क्षेत्र में आलू की बोआई की गई है। 24605 हेक्टेअर में दलहन व 14004 हेक्टेअर में तिलहनी फसल बोई गई है। ऐसे में इस बरसात का असर सबसे ज्यादा आलू की फसल पर पड़ रहा है।
खेतों में जल भराव के कारण आलू सड़ सकता है। वहीं इस बरसात के कारण आलू की फसल में पत्तियां गल रही हैं। ऐसी स्थिति में उत्पादन प्रभावित होगा। बदले मौसम का नुकसान दलहन व तिलहन में फिलहाल तो आंशिक रूप से हो रहा है। यदि बरसात जारी रही तो इसकी फसल भी खेतों में गल सकती है।
घबराएं नहीं किसान
दलहन व तिलहन कम पानी वाली फसलें हैं। यदि इन खेतों में ज्यादा दिनों तक पानी जमा रहेगा तो सभी पौधे सड़ जाएंगे, या फिर बहुत ही कमजोर हो जाएंगे। ऐसी स्थिति में किसान पानी का असर कम हो इसके लिए उपाय करें। फिलहाल अभी बरसात कम है, इसलिए किसान घबराएं नहीं।
- आरपी राना, जिला कृषि अधिकारी
खेत में न जमा होने दें पानी
इस बरसात से आलू की फसल को ज्यादा नुकसान हो सकता है। लगातार बरसात से जहां पत्तियां पीली होकर सड़ जाएंगी, वहीं जल जमाव के कारण आलू की फसल भी सड़ जाएगी। ऐसे में किसान यदि खेत की मेड़बंदी किए हो तो उसे काट दें, ताकि पानी खेत में जमा न हो। इसके साथ ही जिंक का छिड़काव कर पत्तियों को पीला व सड़ने से बचाया जा सकता है। - दिनेश चौधरी, जिला उद्यान अधिकारी
बोले किसान, पैदावार होगी प्रभावित
बरसात के कारण गेहूं की फसल को नुकसान नहीं हुआ, लेकिन आलू व सरसों की फसल में बीमारी की आशंका है। एक बार नुकसान से बचने के लिए जिंक डाल चुका हूं, लेकिन इस बार पैदावार प्रभावित होगी। इससे नुकसान होगा। यह कहना है भिनगा के आलू किसान मुस्तकीम का। वहीं ताहिर व महिनकू कहते हैं कि आलू, सरसों की करीब पांच बीघा से ज्यादा फसल बेमौसम बरसात की भेंट चढ़ गई। शेष फसल में झुलसा रोग लगने की संभावना दिख रही है।