श्रावस्ती। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा व्यवस्था बेपटरी है। अस्पतालों से कहीं चिकित्सक गायब हैं तो कहीं स्टाफ नर्स। यहां तक कि आयुष विंग की स्थिति भी खराब है। यहां भी मरीजों को चिकित्सक व अन्य स्टाफ खोजे नहीं मिल रहे हैं। ऐसा ही कुछ जमुनहा व सोनवा में देखने को मिला। यहां मरीज तो थे लेकिन चिकित्सक व अन्य स्टाफ नदारद रहे।
जमुनहा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में आयुष व एलोपैथ दोनों विंग हैं। एलोपैथ में तो चिकित्सक मौजूद थे, लेकिन आयुष विंग में सन्नाटा पसरा नजर आया। यहां तैनात प्रभारी चिकित्सक डॉ. राकेश भारती व आयुष महिला चिकित्सक डॉ. दीपिका अस्पताल में मौजूद नहीं थी।
लोगों ने बताया कि यहां तैनात स्टाफ नर्स वकील अहमद एक माह से अस्पताल नहीं आ रहे हैं। यहां मौजूद प्यारा (60) निवासी बासगढ़ी ने बताया कि वह सुबह ही चिकित्सालय आ गईं थी पर महिला चिकित्सक नहीं मिलीं। इस संबंध में प्रभारी चिकित्सक डॉ. राकेश भारती ने बताया कि छह माह से तनख्वाह नहीं मिली है। इसलिए सीएमओ कार्यालय भिनगा गया था।
वहीं पीएचसी सोनवा में चिकित्सक मरीजों को बाहर की दवाएं लिखते नजर आए। इलाज के लिए पकड़िया गांव से आई ननकी देवी ने बताया कि कुछ दवा अस्पताल से मिली तो कुछ बाहर से लिखी गई हैं। इस संबंध में सीएमओ डॉ. वीके सिंह ने कहा कि सभी सीएचसी पीएचसी पर पर्याप्त दवाएं हैं। यदि किसी ने बाहर से दवा लिखी है तो कार्रवाई होगी।