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चप्पे चप्पे पर तैनात रही पुलिस, ड्रोन से हुई निगरानी

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सीमा पर हर आने जाने वालों की जांच करते पुलिस कर्मी। - फोटो : SRAWASTI
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श्रावस्ती। अयोध्या के विवादित ढांचा विध्वंस की बरसी पर किसी भी संगठन की ओर से जिले में कोई आयोजन न किया जाए इसको लेकर शुक्रवार को प्रशासन पूरी तरह चौकन्ना रहा। सभी मंदिर मसजिदों पर पुलिस की निगरानी रही। पूरे जिले को जोन व सेक्टर में बांट कर ड्रोन कैमरे से संवेदनशील इलाकों पर निगाह रखी गई। इस दौरान एएसपी ने कई संवेदनशील क्षेत्रों का दौरा करके वहां की स्थिति का जायजा लिया।
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अयोध्या के विवादित ढांचा विध्वंस की बरसी पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपर पुलिस अधीक्षक बीसी दुबे ने सुइया, बघौड़ा नासिरगंज सहित अन्य क्षेत्रों का दौरा किया। वहीं एसएसबी ने भी भारत नेपाल सीमा पर आने जाने वाले वाहनों की सघन तलाश ली। जिले की सुरक्षा व्यवस्था तथा अराजकतत्वों पर निगाह रखने के लिए पूरे जिले को छह जोन व 27 सेक्टर में बांटा गया था।
सभी जोन का प्रभारी जिला स्तरीय अधिकारी को बनाया गया था। इसके अतिरिक्त सभी सेक्टरों में एक एक सब इंस्पेक्टर भी तैनात किया गया था। इनको ग्राम पंचायतों में सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इस दौरान जिला स्तरीय अधिकारियों व सेक्टर प्रभारियों ने अपने अपने क्षेत्रों में स्थानीय पुलिस कर्मियों के साथ भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इसके साथ ही लोगों से वार्ता कर शांति बनाए रखने की अपील की।
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उधर सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने भी भारत नेपाल सीमा पर आने जाने वालों की सघन जांच की। वहीं प्रत्येक गांव पर निगरानी रखने के लिए पुलिस उप निरीक्षकों के साथ साथ बीट के सिपाहियों को लगाया गया था। प्रत्येक उपनिरीक्षक ने अलग अलग ग्राम पंचायतों में भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया।
इन रास्तों पर रही विशेष निगाह
जिले में वैसे तो नेपाल की ओर से आने के लिए कई रास्ते है, लेकिन दस रास्ते बहुत ही महत्वपूर्ण है। इसमें सिरसिया के पैकोरी, तकिया, सुहेलवा, गब्बापुर, मोतीपुर, रनियापुर, भचकाही, तालबघौड़ा, ककरदरी, भरथा रोशनपुरवा, घोड़दौरिया एवं परसोहन प्रमुख है। जहां पुलिस के साथ एसएसबी के जवानों व मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई थी।
चप्पे चप्पे पर तैनात रही पुलिस
विवादित ढांचा विध्वंस की बरसी पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिले में भारत नेपाल सीमा पर दस बैरियर बनाए गए थे। पूरे जिले को छह जोन व 27 सेक्टर में बांटा गया था। इसके साथ ही जिले में तीन सीओ के साथ ही इंस्पेक्टर, उप निरीक्षक, सिपाहियों को तैनात किया गया था। हमने खुद बघौड़ा, जमुनहा नासिरगंज सहित अन्य क्षेत्रों का दौरा कर शांति व्यवस्था का जायजा लिया। सभी जगह लोग सौहार्द के साथ एक दूसरे से मिलते रहे। - बीसी दुबे एएसपी
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