भिनगा स्थित स्टेडियम में तरणताल के लिए चिह्नित भूमि । -संवाद
श्रावस्ती। तैराकी के क्षेत्र में भी जिले की मेधा राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाएं, इस वास्ते भिनगा स्थित स्टेडियम में तरणताल के लिए वर्ष 2012 से लेकर 2018 तक बजट में प्रावधान किया गया। बावजूद इसके तरणताल नहीं बन सका। इससे तैराकी में अभिरुचि रखने वाली मेधाएं केवल राप्ती नदी या फिर नहरों के बीच ही सिमट कर रह गई हैं।
राप्ती नदी हो या फिर सरयू योजक नहर, हर जगह अपनी ताकत के बल पर उसे तैरकर पार करने वालों की कमी जिले में नहीं है। यही नहीं, कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां युवा तैराक दिन भर अपने करतब दिखाते नजर आ जाएंगे। इन्हीं प्रतिभाओं को तराशने के लिए 2012 में सबसे पहले स्टेडियम के अंदर तरणताल बनवाने की योजना प्रशासन ने बनाई थी।
प्रशासन का मानना था कि यदि यहां के युवाओं को तैराकी का तकनीकी ज्ञान व उचित माहौल मिले तो वे जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन कर सकते हैं। पहली बार इस पर 2012 में हुई जिला योजना की बैठक में प्रमुखता से चर्चा की गई।
जिला योजना में तरणताल बनवाने का अनुमोदन भी किया गया लेकिन शासन से इस योजना को अमली जामा पहनाने के लिए रकम नहीं दी गई। इसके बाद वित्तीय वर्ष 13-14, 14-15, 15-16 व 16-17 तथा 17-18 तक लगातार तरणताल बनवाने की कार्ययोजना जिला योजना समिति के समक्ष प्रस्तुत होती रही।
हर बार जिले के बजट के साथ तरणताल बनवाने की मंजूरी भी समिति करती रही। इसके बाद भी यह योजना धरातल पर नहीं उतर सकी।
स्टेडियम में तरणताल निर्माण के लिए पर्याप्त भूमि है। सरकार की मंशा भी है कि खेल के क्षेत्र में लोगों को आगे बढ़ने का मौका मिले। ऐसे में इस बार जिला योजना की बैठक में स्टेडियम में तरणताल बनवाने की मंजूरी दिलाने के साथ ही बजट आवंटित कराने का प्रयास किया जाएगा।
-दद्दन मिश्रा, अध्यक्ष जिला पंचायत