संयुक्त जिला चिकित्सालय में सांस के मरीज की जांच करते चिकित्सक। -संवाद
श्रावस्ती। तराई में में जारी मौसम की उठापटक के बीच ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। सबसे ज्यादा सांस व सर्दी-जुकाम के मरीज बढ़े हैं। चिकित्सक मरीजों को ठंड से बचाव करने की सलाह दे रहे हैं।
संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा में बुधवार को लगभग 575 मरीजों ने ओपीडी में नामांकन कराया। इनमें से 52 मरीज सांस फूलने की समस्या से पीड़ित रहे। चेस्ट फीजिशियन डॉ. शिवम प्रियदर्शी ने बताया कि बारिश के कारण मौसम ठंडा हो गया है। इससे सांस के रोगियों की संख्या बढ़ी है। यह मौसम सांस के रोगियों के लिए सबसे अधिक परेशानी भरा होता है। ऐसे में एहतियात बरतने की जरूरत है।
उन्होंने मरीजों को सलाह दी कि गर्म कपड़े पहनें, कान, नाक, हाथ व पैर के पंजे को खुला न रखें। नहाने व पीने के लिए गुनगुने पानी का प्रयोग करें। सुबह धूप निकलने पर ही टहलने निकलें। दवाओं का नियमित सेवन करें, साथ ही किसी प्रकार की समस्या होने पर तत्काल चिकित्सक से संपर्क करें।
उन्होंने बताया कि मरीजों को चाहिए कि वे किसी प्रकार की एलर्जी होने पर उस वस्तु से दूरी बनाकर रखें। विशेषकर सांस रोगी धूल व धुआं से बचाव करें, साथ ही गले को सूखने न दें।