श्रावस्ती। जिले सहित नेपाल के पहाड़ों पर रविवार रात व सोमवार सुबह मूसलधार बारिश हुई। इसके चलते सिरसिया क्षेत्र में बहने वाले पहाड़ी नाले उफान पर आ गए हैं जिससे खेत व खलिहान जलमग्न हो गए। वहीं भिनगा जंगल के मध्य बहने वाले केन नाले में उफान के कारण जंगल में पानी का बहाव तेज हो गया है। इससे भिनगा-लक्ष्मनपुर मार्ग पर डिप पार करने के लिए लोगों को रस्सी का सहारा लेना पड़ रहा है।
रुक-रुक कर आए दिन हो रही यह बारिश नगर सहित गांवों में आफत बनी हुई है। वहीं राप्ती नदी के घटते-बढ़ते जलस्तर के कारण कछार वासियों की धड़कनें तेज हो गई हैं। खेत व खलिहान के जलमग्न हो जाने के कारण जहां धान किसान आशान्वित नजर आ रहे हैं, वहीं मेंथा किसानों की मानो कमर ही टूट गई हो। इसका असर अब सब्जियों की खेती पर भी दिखाई देने लगा है। बार-बार बारिश होने के कारण खेताें में जलभराव होने से उसमें लगी फसल अब खराब होने लगी है।
तराई में आषाढ़ के बादल मेहरबान हैं। रविवार देर रात गरज-चमक कर शुरू हुई झमाझम बारिश सुबह तक जारी रही। आए दिन हो रही इस बारिश के कारण खेत पूरी तरह से जलमग्न हो गए हैं। इससे प्रफुल्लित हुए किसान धान की रोपाई करने में लगे हैं। तेज बारिश के कारण भिनगा नगर के प्रमुख मार्गों पर जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई है। इससे लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
वहीं नेपाल के पहाड़ों पर होने वाली बारिश के कारण सिरसिया क्षेत्र में बहने वाले भैंसाही, सूरज कुंडा व हथिया कुंडा सहित भिनगा जंगल के मध्य बहने वाला केन पहाड़ी नाला उफान पर है। इससे सिरसिया क्षेत्र के कई गांवों के खेत जलमग्न हो चुके हैं। केन नाला के उफान के कारण भिनगा जंगल भी अब पानी से लबालब है।
जंगल में पानी का बहाव तेज होने के कारण केन नाले का पानी भिनगा-लक्ष्मनपुर मार्ग स्थित रेहली बिशुनपुर डिप पर तेजी से बहने लगा है। इससे लोगों को डिप पार करने के लिए रस्से का सहारा लेना पड़ रहा है। मार्ग पर वाहनों का संचालन ठप हो जाने के कारण लोग पानी से होकर पैदल आ-जा रहे हैं।
रात में हुई तेज बारिश के कारण भिनगा में ईदगाह तिराहे से पुरानी मछली मंडी, दहाना तिराहा, लकड़ी मंडी, पानी टंकी तिराहा, सब्जी मंडी मार्ग, खलवा बाजार, खैरी मोड़, खरगौरा मोड़, तहसील परिसर, कृषि भवन परिसर, बड़ी मसजिद, बाछिल गली, दहाना बस स्टैंड व विद्युत उपकेंद्र भिनगा सहित नगर के कई अन्य स्थानों पर मुख्य मार्ग पर जलभराव के कारण लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
ऐसी ही स्थित जमुनहा बाजार, तुलसीपुर, चिचड़ी, बरदेहरा व बदला की भी है जहां कीचड़ व जलभराव के कारण लोगों का राह चलना मुश्किल हो रहा है। वहीं नेपाल के पहाड़ों पर होने वाली बारिश के कारण राप्ती नदी का जलस्तर घट-बढ़ रहा है। इससे कछार के गांवों में नदी के कटान का खतरा बढ़ गया है। इससे कछार वासियों की धड़कनें तेज हो रही हैं। ऐसे में बाढ़ व कटान की संभावनाओं को लेकर कछार वासी दहशत में हैं।