श्रावस्ती। जिले के अस्पतालों में मरीजों को बाहर से दवाएं लेना पड़ रहा है। विगत दिनों ''''अमर उजाला'''' ने इसका खुलासा किया तो डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने ऐसा करने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी जारी की। जिसका चिकित्सकों पर कोई असर नहीं दिख रहा है। वे बेखौफ सरकारी पर्चे पर बाहर की दवाएं लिख रहे हैं।
जिले के चिकित्सकों पर विभागीय अधिकारियों ही नहीं स्वास्थ्य मंत्री व डिप्टी सीएम बृजेश पाठक का आदेश भी कोई खास असर नहीं डाल रहा है। इससे संयुक्त जिला चिकित्सालय भी अछूता नहीं है। यहां आने वाले मरीजों को खुलेआम बाहर की दवाएं लिखी जा रही हैं। जिसका खुलासा ''''अमर उजाला'''' ने दो मई को ''''अस्पताल में बाहर से लिखी जा रही दवाएं'''' शीर्षक से सचित्र समाचार प्रकाशित कर किया।
जिसका संज्ञान लेकर डिप्टी सीएम ने 25 मई को नाराजगी जताते हुए देवीपाटन मंडल के अपर निदेशक को जांच कर एक सप्ताह में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया था। उन्होंने आरोपी डॉक्टर के साथ अस्पताल के सीएमएस के विरुद्ध कार्रवाई का निर्देश भी दिया था। बृहस्पतिवार को अस्पताल आने वाले कई मरीजों को बाहर की दवाएं लिखी गईं। चौंकाने वाली बात यह है कि अब चिकित्सक सरकारी पर्चे पर भी बाहर की दवा लिखने से परहेज नहीं कर रहे हैं। जबकि प्रभारी सीएमएस डाॅ. रामगोपाल अस्पताल दावा कर रहे हैं कि अस्पताल में ऐसा नहीं हो रहा है।