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या हुसैन की सदाओं के बीच दफनाए ताजिये

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अलक्षेंद्र इंटर कालेज मैंदान में चेहल्लुम पर लगा मेला। - फोटो : SRAWASTI
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श्रावस्ती। करबला के मैदान में शहीद हुए हजरत इमाम हुसैन व उनके 72 साथियों की याद में रविवार को जिले में शांति एवं गमगीन वातावरण में चेहल्लुम का जुलूस निकाला गया। ताजियेदारों ने मातम करते हुए करबला में देर रात तक ताजिए दफन किए।
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करबला के मैदान में शहीद हुए हजरत इमाम हुसैन व उनके 72 साथियों के गम में चेहल्लुम का जुलूस मातमी सदाओं के साथ रविवार को पूरे शहर में निकाला गया। या हुसैन की सदाओं के बीच मातम कर रहे सभी लोगों की आंखें नम रहीं। जुलूस-ए-चेहल्लुम बड़ी ही अकीदत के साथ अपने कदीमी रास्तों से गुजरता हुआ करबला पहुंचा, जहां ताजिये दफनाए गए।
इसके लिए भिनगा व आसपास के ताजियेदार विभिन्न मार्गों से होते हुए अलक्षेंद्र इंटर कॉलेज के मैदान में पहुंचे। यहां से मातम के साथ ताजिया नई बाजार होते हुए ईदगाह पहुंचे। जहां देर रात तक ताजियों को दफनाने का सिलसिला जारी रहा। वहीं इकौना क्षेत्र के ताजियेदारों ने अपने अपने ताजिये सेमगढ़ा स्थित नहर व इकौना स्थित करबला में दफनाएं।
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गिलौला क्षेत्र में मोहम्मदापुर, दर्जीपुरवा, साईपुरवा, मांजरे, गोड़ारी सहित बेगमपुर, बहोरवा, बंजारनपुरवा, बदला चौराहा, वीरगंज, नासिरगंज, मनकौरा, फत्तेपुर बनगई, अकार, सोनपुर, माल्ही, कुंडा, परसोहना, बालापुर, मदरहवा आदि स्थानों से आए लोगों ने अपने ताजिए क्षेत्र के करबला में दफन किए। वहीं सिरसिया क्षेत्र के गुलरा, सहित जिले के अन्य हिस्सों में जगह जगह ताजियेदारों ने गमगीन माहौल में मातम के साथ अपने अपने घरों से ताजिया ले जाकर नजदीकी ईदगाहों पर दफन किए।
चाक चौबंद रही सुरक्षा व्यवस्था
जुलूस के दौरान जुटने वाली भीड़ को देखते हुए जिला व पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए थे। संबंधित थानाध्यक्षों सहित पुलिस व राजस्व विभाग के अधिकारी सुरक्षा के मद्देनजर ताजिया दफन होने तक ईदगाह पर ताजियेदारों के साथ मौजूद रहे। इस दौरान शांतिपूर्ण वातावरण में ताजिया दफन कराने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली।
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