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श्रावस्ती में प्रदूषण जांच को सिर्फ एक केंद्र

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श्रावस्ती। प्रदूषण जांच की व्यवस्था जिले में सीमित है। यहां केवल डीजल वाहन के प्रदूषण की जांच करने के लिए एक केंद्र स्थापित किया गया है। जबकि पेट्रोलियम वाहन स्वामी को प्रदूषण जांच कराने के लिए बहराइच सहित अन्य नगरों का सहारा लेना पड़ता है। नई नीति के अनुसार प्रदूषण जांच केंद्र स्थापित करने के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं। फिलहाल मात्र एक आवेदन ही प्राप्त हुआ है। जिस पर अभी तक अनुमति प्रदान नहीं हुई है। जिले में डीजल वाहनों के प्रदूषण जांच के केवल एक केंद्र भिनगा में है। जबकि इकौना जमुनहा सहित कई अन्य ऐसे क्षेत्र हैं जिनकी दूरी भिनगा से काफी दूर है। ऐसे में डीजल वाहनों को प्रदूषण जांच के लिए लंबा सफर तय करके भिनगा आना होता है। या फिर गैर जनपद का सहारा लेना होता है।
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पेट्रोलियम वाहन प्रदूषण जांच की नहीं कोई व्यवस्था
जिले में बीएस थ्री व बीएस फोर मॉडल की पेट्रोलियम कारें बहुत हैं। ऐसे में वाहन स्वामियों को इन कारों की समय-समय पर प्रदूषण जांच करानी होती है। लेकिन जनपद में पेट्रोलियम कार के प्रदूषण की जांच का कोई भी सेंटर नहीं है। जिसके चलते यहां के वाहन स्वामियों को प्रदूषण जांच के लिए बहराइच या फिर लखनऊ का चक्कर लगाना होता है। यही नहीं जो वाहन केवल स्थानीय स्तर पर चलाए जाते हैं। वह बिना प्रदूषण जांच के ही चल रहे हैं।
सभी थानों पर बनना है प्रदूषण जांच केंद्र
नए नियम के अनुसार जिले के सभी थाना क्षेत्रों में प्रदूषण जांच केंद्र होना आवश्यक है। इन कंद्रों पर डीजल व पेट्रोल दोनों वाहनों की जांच होनी चाहिए। जिले में कुल सात थाने हैं। ऐसे में कम से कम सात प्रदूषण केंद्र होना अनिवार्य है। लेकिन अभी तक मात्र एक ही प्रदूषण केंद्र खुल पाया है।
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बाइक के प्रदूषण जांच की भी नहीं कोई व्यवस्था
कार व अन्य भारी वाहनों की भांति बाइक के लिए भी पदूषण जांच अनिवार्य है। लेकिन जिले में बाइक के प्रदूषण जांच का एक भी सेंटर न होने के कारण यहां बिना जांच के ही लोग वाहनों से फर्राटा भरते हैं।
प्रदूषण जांच के लिए और ढीली करनी होगी जेब
परिवहन विभाग ने पहले दो पहिया वाहनों के प्रदूषण जांच के लिए 30 रुपये शुल्क निर्धारित किया था। जो अब बढ़ कर पचास रुपये कर दिया गया है। वहीं तीन पहिया वाहनों के लिए पहले 40 रुपये निर्धारित था। जिसे बढ़ा कर 70 रुपये कर दिया गया है। इसके साथ ही प्रदूषण जांच करने वाला अपनी कमीशन भी वसूल करेगा। ऐसे में वाहन स्वामियों को अब प्रदूषण जांच के लिए अपनी जेब और ढीली करनी होगी।
बीएस टू व थ्री वाहनों की जांच प्रतिमाह जबकि बीएस फोर व फाइव की प्रदूषण जांच वर्ष में एक बार होती है। अभी तक जिले में मात्र एक ही प्रदूषण जांच केंद्र है। नए केंद्रों के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं। जल्द ही जिले के अन्य थाना केंद्रों पर भी प्रदूषण केंद्र बन जाएंगे। -भीमसेन, आरआई टेकिभनकल
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