श्रावस्ती। जन शिकायतों के निस्तारण में किसी भी तरह की शिथिलता बर्दाश्त नहीं होगी। शासन की ओर से जनसुनवाई, आईजीआरएस, सीएम हेल्पलाइन, तहसील व थाना दिवस के लिए समय समय पर निर्देश दिए जाते रहे हें। जिनका शत प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित हो। विशेषतौर पर सीएम संदर्भित व आईजीआरएस से प्राप्त शिकायतों को डिफाल्टर होने से पहले निस्तारित कराई जाए। यह निर्देश जनता दर्शन में मौजूद जिलाधिकारी कृतिका शर्मा ने दिया।
उन्होंने निर्देश दिया कि हर संभव स्तर पर फरियादियों की समस्याओं का निस्तारण तीन दिन में कराना सुनिश्चित कराया जाए। इसके लिए सभी अधिकारी कार्यालय में सभी कार्य दिवसों में सुबह 10 बजे से 12 बजे तक स्वयं जनसुनवाई कर शिकायतों को निस्तारित कराने के साथ ही इस कार्य की निगरानी भी करें ताकि कोई भी विभाग डिफाल्टर सूची में न रहने पाए। विशेष कर भूमि संबंधी विवाद में एसडीएम व सीओ यदि आवश्यक हो तो राजस्व व पुलिस अधिकारियों की संयुक्त टीम बनाकर कार्रवाई करें।
इस दौरान आईजीआरएस से जुड़े मामलों की समीक्षा के दौरान अधिशासी अधिकारी नगर पालिका भिनगा की पांच, अधिशासी अभियन्ता सिंचाई की दस, अधिशासी अभियंता विद्युत की सात, उपजिलाधिकारी इकौना की सोलह, जमुनहा की चौबीस, भिनगा की 19, बीईओ इकौना की एक, जमुनहा की दो, हरिहरपुररानी की एक, बीडीओ इकौना की 14, गिलौला की 21, जमुनहा की सात, सिरसिया की तेरह, हरिहरपुररानी की एक, खनन निरीक्षक की दो, चकबंदी अधिकारी इकौना की एक, जिला क्षय रोग अधिकारी की एक, डीपीआरओ की चार, जिला पूर्ति अधिकारी की दो, डीआईओएस की आठ, जिला समाज कल्याण अधिकारी की एक, तहसीलदार इकौना की 53, जमुनहा की 21 व भिनगा की 24 शिकायतें निस्तारण को लंबित मिली। डीएम ने पांच कार्य दिवस में लंबित शिकायतों का निस्तारण कर रिपोर्ट प्रेषित करने को निर्देशित किया।