श्रावस्ती। विद्युत उपकेंद्र भिनगा के मछरिहिवा फीडर के उपभोक्ताओं को अघोषित विद्युत कटौती से जूझना पड़ रहा है। भिनगा जंगल के मध्य से होकर गुजरी इस लाइन की आपूर्ति गुरुवार देर रात तेज हवा के कारण बाधित हो गई।
उपभोक्ताओं की शिकायत के बाद भी पावर कॉर्पोरेशन कर्मियों की ओर से आपूर्ति बहाल न कराए जाने से भिनगा नगर के तीन वार्ड सहित 45 गांव पूूरी रात अंधेरे में डूबे रहे। इससे करीब डेढ़ लाख लोगों को परेशानी हुई। उपभोक्ताओं के विरोध के बाद करीब 15 घटें बाद आपूर्ति बहाल कराई जा सकी।
विद्युत उपकेंद्र भिनगा के मछरिहिवा फीडर की विद्युत लाइन व पोल जर्जर हो गए हैं। करीब 35 वर्ष पुराने इस फीडर की लाइन भिनगा जंगल से होकर गुजरी है। इसे मात्र दो प्राइवेट लाइनमैन के सहारे संचालित कराया जा रहा है। ऐसे में हल्की बूंदा बांदी व जरा सी तेज हवा चलने पर यह विद्युत लाइन आपस में टकरा कर टूटती रहती हैं।
इससे नगर पालिका परिषद भिनगा के कृष्ण नगर, अब्दुल कलाम नगर व सिविल लाइंस सहित भिनगा जंगल से सटे हरिहरपुररानी विकास क्षेत्र के लौकीपुरवा, वर्गावर्गी, चहलवा, मदरहवा, गोबार, पतिझिया, मटखनवा, महरी, रामपुर ककरा, रामपुर जब्दी, परसा, डेहरिया, खाले ककरा, मछरिहिवा तथा आसपास के 45 गांवों की विद्युत आपूर्ति अक्सर बाधित रहती है।
गुरुवार रात चली तेज हवाओं के कारण चहलवा के निकट विद्युत लाइन में फाल्ट आ जाने के कारण समूचे फीडर की विद्युत आपूर्ति रात दस बजे बाधित हो गई। उपभोक्ताओं की तमाम शिकायत के बाद भी विद्युत कर्मियों के न आने के कारण नगर के तीन वार्ड सहित 45 गांवों में अंधेरा छाया रहा।
इससे साढ़े सात हजार उपभोक्ता व करीब डेढ़ लाख की आबादी पूरी रात आपूर्ति बहाल होने का इंतजार करती रही। उपभोक्ताओं के विरोध के बाद शुक्रवार को पहुंचे विद्युत कर्मियों ने दोपहर एक बजे के बाद आपूर्ति बहाल कर्राई।
अधिशासी अभियंता, पावर कॉर्पोरेशन रमाशंकर मौर्य ने कहा कि विद्युत आपूर्ति बाधित होने की जानकारी मिली थी। विद्युत कर्मियों को रात में ही भेजा गया था। फाल्ट न मिलने के कारण रात को आपूर्ति बहाल नहीं कराई जा सकी थी। दिन में फाल्ट दुरुस्त कराकर आपूर्ति बहाल करा दी गई है।
भंगहा उपकेंद्र से जुड़े गांव तो दूर हो समस्या
विद्युत उपकेंद्र भंगहा का संचालन विगत वर्ष ही प्रारंभ करा दिया गया था। उपभोक्ताओं की ओर से कॉर्पोरेशन से निरंतर मांग की जा रही है कि मदरहवा से आगे गांव को भंगहा उपकेंद्र से जोड़ दिया जाए। लोगों का मानना है कि इससे जहां फीडर पर भार कम होगा। वहीं जंगल के आगे के गांवों को भंगहा से आपूर्ति मिलने के कारण यह समस्या समाप्त हो जाएगी। इसके बावजूद कार्पोरेशन के अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इससे मछरिहिवा फीडर के उपभोक्ताओं को आबाध विद्युत आपूर्ति नहीं मिल पा रही है।
पानी के लिए भी तरसे लोग
मछरिहिवा फीडर की गुरुवार रात करीब दस बजे बाधित हुई विद्युत आपूर्ति शुक्रवार दोपहर बाद बहाल हुई। इससे उपभोक्ता पंद्रह घंटे आपूर्ति के लाभ से वंचित रहे। इससे जहां लोगों के घरों में लगे विद्युत उपकरण खामोश रहे। वहीं लगातार आपूर्ति बाधित होने के कारण लोग बूंद बूंद पानी को भी तरस गए। इतना ही नहीं लोगों के सेल फोन भी डिस्चार्ज होने के कारण खामोश हो गए।