श्रावस्ती। जिला पुनर्वास केंद्र में अब दिव्यांगो को इलाज के लिए इलेक्ट्रोमेगनेट थेरेपी की सुविधा मुहैया होगी। इसके लिए फिजियोथेरेपी विभाग में एक इलेक्ट्रोमेगनेट थेरेपी मशीन का संचालन शुरू किया गया है। इस सुविधा का फायदा दिव्यांगों के साथ ही बुर्जुग लोगों को भी मिलेगा। संयुक्त जिला चिकित्सालय में संचालित पुनर्वास केंद्र के फिजियोथेरेपी विभाग में अब मैनुअल थेरेपी के साथ ही मरीजों को टेंस (ट्रांस क्यूटेनियस इलेक्ट्रिकल नर्व स्टीमुलेशन) मशीन से इलाज की सुविधा मिलेगी। इसका सीधा फायदा दिव्यांगता के साथ ही सड़क हादसों व अन्य कारण से अस्थि व नस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को मिलेगा।
थेरेपी देने का कार्य दो तरह से होता है। इसमें मैन्युअल थेरेपी (फिजियोथेरेपिस्ट खुद या उपकरणों के माध्यम से अंगों को मूव कराना) व दूसरी इलेक्ट्रो थेरेपी (टेंस मशीन से जरूरत अनुसार नसों को करंट देकर ठीक करना), शामिल है। चिकित्सकों के अनुसार इलेक्ट्रो थेरेपी का सबसे ज्यादा फायदा लकवा के मरीजों के साथ कैंसर झेल रहे मरीजों को होता है। यह सुविधा अभी तक जिले में कही उपलब्ध नहीं थी। पहली बार जिला अस्पताल के पुनर्वास केंद्र में थेरेपी यह सुविधा मुहैया कराई जा रही है। इसका सीधा फायदा उन दिव्यांगों व बुर्जुगों को होगा, जिनकी नसें पूरी तरह से शिथिल हो चुकी हैं।