श्रावस्ती। परिसर में जगह की कमी से जूझ रहे परिषदीय विद्यालयों को भी किचन गार्डन योजना से लाभान्वित किया जाएगा। इसके तहत जिले के 212 विद्यालयों को चिह्नित किया गया है। इनमें कम स्थान में भी बेहतर ढंग से किचन गार्डन की व्यवस्था की जाएगी।
शिक्षा विभाग की ओर से सभी परिषदीय विद्यालयों को किचन गार्डन योजना से आच्छादित करने का कार्य किया जा रहा है। अब तक ऐसे विद्यालयों का चुनाव किया जाता था, जहां क्यारियां बनाने के लिए भूमि की उपलब्धता थी, किंतु शिक्षा विभाग की ओर से अब ऐसे विद्यालयों को चयनित किया गया है, जहां जगह का अभाव है।
जिले के 212 विद्यालयों को विभाग की ओर से चिह्नित किया गया है। इन विद्यालयों में 4.24 लाख रुपये से किचन गार्डन बनाए जाएंगे।
किचन गार्डन के लिए इनका होगा प्रयोग
विद्यालयों में भूमि की अनुपलब्धता के चलते गमलों का प्रयोग किया जाएगा। इसके साथ ही पॉलीथिन बैग, मटके, प्लास्टिक व लोहे के छोटे-छोटे डिब्बों का प्रयोग कर मौसमी सब्जियां, फल व फूल के पौधे लगाए जाएंगे।
यह होगा लाभ
किचन गार्डन से बच्चों को बागवानी की शिक्षा आसानी से मिल सकेगी। साथ ही उन्हें पर्यावरण के साथ संतुलन बनाने व किस मौसम में क्या उगाना चाहिए, इसकी जानकारी मिलेगी। तैयार सब्जियों को मिड-डे मील में भी प्रयोग किया जाएगा। इससे बच्चों को ताजे फल व सब्जियां मिल सकेंगी। छात्रों में सामूहिक रूप से कार्य करने व विद्यालय के प्रति रुचि भी बढ़ेगी। किचन गार्डन में तैयार फूलों से विद्यालय की साज-सज्जा में भी निखार आएगा।
कृषि व बागवानी की मिलेगी अच्छी शिक्षा
किचन गार्डन के तहत चयनित विद्यालयों में शीघ्र ही काम शुरू कराया जाएगा। प्रति विद्यालय 2000 रुपये की मंजूरी मिली है। इससे छात्रों को कृषि व बागवानी की शिक्षा बेहतर ढंग से मिल सकेगी।
-अजय कुमार गुप्ता, बीएसए