श्रावस्ती। कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को डीएम ने बैठक कर गिलौला विकास क्षेत्र के गांवों में विगत एक वर्ष में हुए प्रसव की जांच कर उसकी रिपोर्ट देने के लिए कहा। इसके लिए डीएम के निर्देश पर नोडल अधिकारी नामित किए गए हैं।
बैठक में डीएम टीके शिबु ने कहा कि गिलौला विकास क्षेत्र के गांवों में हुए प्रसव की जो रिपोर्ट जिले स्तर पर मुहैया कराई गई है। उसमें कई भ्रांतियां है। कुछ घरों पर हुए प्रसव को भी संस्थागत प्रसव दिखाया गया है। जिसकी जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। ताकि इसके लिए जो भी जिम्मेदार हो उन पर कार्रवाई की जा सके। सर्वाधिक शिकायतें गिलौला के ग्राम रतनापुर, सोनवा, चंदरखाबुजुर्ग, हुसैनपुर खुरहरी, बरदेहराभारी, रामपुर कोडरी, बागवानी, मीरामऊ, मैरिया, परेवपुर, धुसवा, मनोहरापुर, मनोहरचक, कुरबेनी, विजयपुर सिसावा, बेलवाखतीब, भाैंसावा, भिठया चिचड़ी, मनिहारतारा, भरथापुर मालभौखारा एवं उत्तमापुर गुजरवारा आदि गांवों में मिली हैं।
ऐसे में विगत एक वर्ष में हुए प्रसवों की जानकारी लेने के लिए जिला विकास अधिकारी, उप निदेशक कृषि, जिला उद्यान अधिकारी, सहायक निदेशक मत्स्य, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, भूमि संरक्षण अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी को नामित किया गया है। ये लोग निर्धारित प्रारूप पर ग्राम का नाम, प्रसूता का नाम, पति का नाम व पता, प्रसव तिथि, प्रसव कहां हुआ (घर/सी एच सी/निजी चिकित्सालय) आदि की रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ईशान प्रताप सिंह, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी नरेंद्र कुमार कुशवाहा सहित नामित अधिकारी मौजूद रहे।