श्रावस्ती/तुलसीपुर। तराई क्षेत्र में बीते एक सप्ताह से रुक-रुक कर हो रही बारिश अब लोगों के लिए आफत बन गई है। जगह-जगह जलभराव से आवागमन में परेशानी हो रही है। खेतों में अधिक पानी भरने से किसानों को उत्पादन घटने का खतरा सता रहा है।
तराई में झमाझम बारिश का दौर बुधवार को भी जारी रहा। इससे विभिन्न क्षेत्रों की सड़कें जलमग्न हो गईं। राहगीरों को आवागमन में काफी बाधा का सामना करना पड़ा। बीते लगभग एक सप्ताह से रुक-रुक कर हो रही बारिश अब किसानों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। जिन किसानों के खेत निचले इलाकों में हैं, वहां भारी जलभराव हो गया है। इस कारण किसान धान की टॉप-ड्रेसिंग नहीं कर पा रहे हैं।
गिलौला निवासी किसान लवलेश ने बताया कि उनके लगभग पांच बीघा धान की फसल में बहुत पानी भरा है। पानी के कारण खेत की मेंढ़ तक नहीं दिख रही है। वे यूरिया और डीएपी की टॉप-ड्रेसिंग नहीं कर पा रहे हैं। लवलेश ने कहा कि इतनी मात्रा में पानी होने से खाद डालने पर वह बह जाएगी। पंकज मिश्रा, प्रदीप गुप्ता, पप्पू और शिव कुमार जैसे अन्य किसानों ने भी यही समस्या बताई है। उनके खेतों में भी भारी मात्रा में पानी भरा हुआ है।
जलभराव से ग्रामीण परेशान
सिरसिया। ग्राम पंचायत बुटहर में जलनिकासी की व्यवस्था ठीक नहीं है। बारिश के बाद गांव के रास्तों पर घुटनों तक पानी भर जाता है। गांव के रास्ते पर बारिश के बाद घुटनों तक पानी भरा हुआ है और ग्रामीणों को गंदे पानी के बीच से गुजरना पड़ रहा है। रामजी वर्मा, छोटकऊ, रूपन यादव, अनोखी लाल आदि ग्रामीणों ने बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों की परेशानी बताई। लंबे समय से जमा पानी के कारण मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ा है।
बारिश- आठ एमएम
राप्ती का जलस्तर- 127.20
खतरे का निशान- 127.70
डिस्चार्ज- 23,436 क्यूसेक
भरा पानी