तथागत भगवान बुद्ध की प्रतिमा लेकर तपोस्थली का भ्रमण करते अनुयायी।
कटरा (श्रावस्ती)। बुद्ध की तपोस्थली श्रावस्ती शुक्रवार को अनुयायियों ने गुलजार रही। श्रीलंका से 48 सदस्यीय दल शुक्रवार को तपोस्थली पहुंचा। इस दौरान दल के सदस्यों ने भगवान बुद्ध प्रतिमा लेकर तपोस्थली का भ्रमण किया। इसके बाद अनुयायियों ने भिक्षु दीपालोक के नेतृत्व में आनंद बोधि पर प्रार्थना की।
भिक्षु दीपालोक ने कहा कि बुद्ध ने जितना समझाया उतना किसी और ने नहीं। बुद्ध ने चेतना के जिस शिखर को छुआ है, वैसा किसी और ने नहीं छुआ। बुद्ध ने अपना पूरा जीवन सत्य की खोज और निर्वाण को पा लेने में ही लगाया। तथागत ने मानव मनोविज्ञान और दुख के हर पहलू पर कहा और उसके समाधान भी बताए। आनंद बोधि उस वृक्ष के रूप में जाना जाता है, जिसके तहत बुद्ध ने आत्मज्ञान प्राप्त किया था। पूजन के बाद सभी उपासकों ने जेतवन, शिवली स्तूप, कौशांबी कुटी, सभामंडप, गंध कुटी, सूर्य कुंड, पूर्वा राम विहार, अंगुलिमाल स्तूप आदि का भ्रमण किया। इस मौके पर भिक्षु सुख सागर, नागलोक, ज्ञान सागर, नाग ज्योति, बुद्ध रत्न आदि मौजूद रहे।