जमुनहा (श्रावस्ती)। जमुनहा विकास क्षेत्र के गांवों में भले ही बाढ़ का खतरा टल गया हो। लेकिन जमुनहा वासियों की दुश्वारियां अब भी बरकरार हैं। बाढ़ के दौरान भूखा रहकर रात गुजारने वालों के सामने अब स्वच्छ पेयजल का संकट उत्पन्न हो गया है। जमुनहा, वीरगंज व मल्हीपुर बाजार सहित गांवों में लगे कम गहराई वाले निजी हैंडपंपों के पानी से दुर्गंध आ रही है। वहीं सरकारी हैंडपंपों का हाल भी बदहाल है। गांव सहित सार्वजनिक स्थलों पर लगे हैंडपंपों के खराब होने व दूषित जल देने के कारण लोगों की दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। वहीं कागजों में प्रभावित क्षेत्रों में सभी व्यवस्थाएं पूर्व मे चुस्त-दुरुस्त दर्शाने वाला प्रशासन इन समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहा है। जिससे लोग परेशान हैं।
केस एक
बाढ़ के पानी में डूबा हैंडपंप
मल्हीपुर स्थित बाल विकास परियोजना कार्यालय व जमुनहा तहसील के सामने लगा सरकारी हैंडपंप विगत कई माह से उपेक्षित है। जिससे हैंडपंप के आसपास झाड़ियां उगी हुई है। वहीं बाढ़ में हैंडपंप डूबने के कारण इसमें शिल्ट भर जाने से यह हैंडपंप पानी नहीं दे रहा है।
केस दो
सरयू नहर कॉलोनी में लगे पांच हैंडपंप, सभी खराब
जमुनहा के पटना गांव स्थित सरयू नहर कॉलोनी जो पुरानी तहसील थी। यहां पांच हैंडपंप लगे हुए हैं। यह सभी हैंडपंप गंदगी के बीच स्थापित होने के कारण दूषित जल दे रहे थे। जिनका उपयोग न होने के कारण जहां चार हैंडपंप खराब हो चुके हैं। वहीं एक से दूषित पानी निकल रहा है। ऐसे में लोग इसका उपयोग करने से परहेज कर रहे हैं।
केस तीन
दूषित पानी पीने को विवश लोग
जमुनहा के एठा गांव स्थित पुरने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मल्हीपुर के पास काली माता मंदिर हैं। जहां लगे हैंडपंप का चबूतरा टूटा हुआ है। इससे हैंडपंप से उपयोग किया जाने वाला पानी पाइप के सहारे नीचे चला जाता है। इससे हैंडपंप का पानी दूषित हो रहा है। जिसे लोग पीने को विवश हैं।
केस चार
सीएचसी परिसर में लगा हैंडपंप खराब
जमुनहा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आवासीय परिसर में लगा हैंडपंप खराब है। वहीं बाढ़ के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण जहां लोगों को जलापूर्ति नहीं मिल पाई। यहां लगे सबमर्सिबल में बाढ़ का पानी चले जाने के कारण उसका जल दूषित हो गया है। कम गहराई के हैंडपंप के पानी से बदबू आने के कारण लोगों को पेयजल की दिक्कत हो रही है।